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सीट का समीकरण: रेखा रचेंगी इतिहास या अरुण दोहराएंगे 30 साल पुराना रिकॉर्ड, ऐसा है मसौढ़ी का चुनावी मिजाज

Thu, 30 Oct 2025 06:02 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला

सार

बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात मसौढ़ी सीट की करेंगे। इस सीट पर 2020 में राजद की रेखा देवी को जीत मिली थी।  

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बिहार चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में विधानसभा चुनाव में नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। सियासी दलों का प्रचार भी पूरे जोर पर है। हर दल ने वादों का पिटारा भी खोल दिया है। नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी लगा रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 121 सीटों के लिए 1314 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इस चरण में 6 नवंबर को मतदान होना है। वहीं, दूसरे चरण की 122 सीटों के लिए 1302 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को मतदान होना है। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज मसौढ़ी विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट से 2020 में राजद की रेखा देवी को जीत मिली थी। इस बार जदयू ने अरुण मांझी को यहां से टिकट दिया है। वहीं, राजद ने एक बार फिर रेखा देवी में मैदान में उतारा है। 

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कब है बिहार में चुनाव

बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरण में 6 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होगा। 14 नवंबर को नतीजे आएंगे। पहले चरण में 6 नवंबर को121 सीटों पर वोटिंग होगी। वहीं, दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर वोटिंग होगी। इस बार राज्य में कुल 7.43 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें लगभग 14 लाख नए मतदाता शामिल हैं, जो पहली बार वोट डालेंगे। 

पहले चरण में मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर, बक्सर जिलों में चुनाव होगा। 

दूसरे चरण में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई जिलों में चुनाव होगा। 

अब जानें जिले के बारे में 

बिहार के 38 जिलों में से एक जिला पटना भी है। पटना जिला छह अनुमंडल और 23 ब्लॉक में बंटा है। जिले में 14 विधानसभा सीटें हैं। इनमें मोकामा, बाढ़, बख्तियारपुर, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, फतुहा, दानापुर, मनेर, फुलवारी (एससी), मसौढ़ी (एससी), पालीगंज, बिक्रम शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज मसौढ़ी विधानसभा सीट की बात करेंगे। मसौढ़ी सीट पर पहली बार 1957 में चुनाव हुआ था।

 

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कब कौन-कौन जीता चुनाव

1957- कांग्रेस के नवल किशोर सिंह को जीत मिली।

1962-  कांग्रेस के सरस्वती चौधरी को जीत मिली। 

1967-  भाकपा के भुवनेश्वर शर्मा को जीत मिली। 

1969-  जनसंघ के राम देवन दास को जीत मिली। 

1972-  भाकपा के भुवनेश्वर शर्मा फिर से जीते। 

1977 - जनता पार्टी के रामदेव प्रसाद यादव को जीत मिली।

1980 - जनता पार्टी (एससी) के गणेश  प्रसाद सिंह को जीत मिली। 

1985-   कांग्रेस की पूनम देवी को जीत मिली। 

1990 - भारतीय जन मोर्चा के योगेश्वर गोप को जीत मिली। 

1995-  जनता दल के गणेश प्रसाद सिंह को जीत मिली। 

2000-  राजद के धर्मेंद्र प्रसाद को जीत मिली। 

फरवरी 2005- जदयू की पूनम देवी को जीत मिली। 

अक्तूबर 2005- जदयू की पूनम देवी को जीत मिली। 

2010-  जदयू की अरुण मांझी को जीत मिली।  

2015-  राजद की रेखा देवी को जीत मिली। 

2020-  राजद की रेखा देवी को यहां से दोबार जीत मिली। 
 

इस बार कैसे हैं समीकरण?
राजद ने एक बार फिर रेखा देवी को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, जदयू ने 2010 में यहां से जीते अरुण कुमार को टिकट दिया है। राजेश्वर मांझी जनसुराज के टिकट पर मैदान  में हैं। इस बार मसौढ़ी सीट से इन तीन उम्मीदवारों समेत कुल नौ प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चुनाव में अगर रेखा देवी को जीत मिलती है तो मसौढ़ी सीट पर लगातार तीन जीत दर्ज करने वाली पहली विधायक बनेंगी। वहीं, अरुण कुमार जीतते हैं तो 10 साल बाद यहां की जनता उन्हें दोबारा प्रतिनिधित्व का मौका देगी। ऐसा होता है तो मसौढ़ी विधानसभा सीट के इतिहास में अरुण कुमार दूसरे विधायक बनेंगे जो 10 साल के अंतराल के बाद जीत दर्ज करेंगे। इससे पहले 1995 में जनता दल के गणेश प्रसाद सिंह ने मसौढ़ी सीट पर ये कारनामा किया था। गणेश को पहली जीत 1980 के चुनाव में जनता पार्टी (सेक्युलर) के टिकट पर मिली थी। 
मसौढ़ी सीट पर सबसे ज्यादा तीन बार जीत दर्ज करने वाली पूनम देवी की बात करें तो उन्हें पहली जीत 1985 में मिली थी। इसके बाद अपनी दूसरी जीत के लिए उन्हें तीन चुनाव और 15 साल का इतंजार करना पड़ा था। पूनम को अपनी दूसरी और तीसरी जीत 2005 में दो बार हुए चुनाव के दौरान मिली थी। 

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