बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात बाढ़ सीट की करेंगे। इस सीट पर 2020 में भाजपा के ज्ञानेंद्र कुमार सिंह को जीत मिली थी।
बिहार में विधानसभा चुनाव में नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। सियासी दलों का प्रचार भी पूरे जोर पर है। हर दल ने वादों का पिटारा भी खोल दिया है। नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी लगा रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 121 सीटों के लिए 1314 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इस चरण में 6 नवंबर को मतदान होना है। वहीं, दूसरे चरण की 122 सीटों के लिए 1302 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को मतदान होना है। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बाढ़ विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट से भाजपा ने डॉ सियाराम सिंह को टिकट दिया है। वहीं, राजद ने कर्णवीर सिंह यादव और जनसुराज ने महेश प्रसााद सिंह को टिकट दिया है।
कब है बिहार में चुनाव
बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरण में 6 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होगा। 14 नवंबर को नतीजे आएंगे। पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर वोटिंग होगी। वहीं, दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर वोटिंग होगी। इस बार राज्य में कुल 7.43 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें लगभग 14 लाख नए मतदाता शामिल हैं, जो पहली बार वोट डालेंगे।
अब जानें जिले के बारे में
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला पटना भी है। पटना जिला छह अनुमंडल और 23 ब्लॉक में बंटा है। जिले में 14 विधानसभा सीटें हैं। इनमें मोकामा, बाढ़, बख्तियारपुर, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, फतुहा, दानापुर, मनेर, फुलवारी (एससी), मसौढ़ी (एससी), पालीगंज, बिक्रम शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज बाढ़ विधानसभा सीट की बात करेंगे। बाढ़ सीट पर पहली बार चुनाव 1952 में चुनाव हुआ था।
कब कौन-कौन जीता चुनाव
1952- कांग्रेस की राणा श्योलाख पति सिन्हा को जीत मिली।
1957- कांग्रेस के रामयतन सिंह को जीत मिली।
1962- कांग्रेस के राणा श्योलाख पति सिन्हा को जीत मिली।
1967- जनक्रांति दल के टी पी सिंह को जीत मिली।
1969- कांग्रेस के राणा श्योलाख पति सिन्हा को जीत मिली।
1972- कांग्रेस के द्वारिका नाथ सिंह को जीत मिली।
1977 - जनता पार्टी के राणा श्योलाख पति सिन्हा को जीत मिली।
1980 - निर्दलीय उम्मीदवार विश्वा मोहन चौधरी को जीत मिली।
1985- कांग्रेस के भुनेश्वर सिंह यादव को जीत मिली।
1990 - जनता दल के विजय कृष्णा सिंह को जीत मिली।
1995- जनता दल के विजय कृष्णा सिंह को लगातार दूसरी जीत मिली।
2000- समता पार्टी के भुनेश्वर सिंह यादव को जीत मिली।
फरवरी 2005- जदयू की लवली आंनद को जीत मिली।
अक्तूबर 2005- जदयू के ज्ञानेंद्र कुमार सिंह को जीत मिली।
2010- जदयू के ज्ञानेंद्र कुमार सिंह को जीत मिली।
2015- भाजपा के ज्ञानेंद्र कुमार सिंह को जीत मिली।
2020- भाजपा के ज्ञानेंद्र कुमार सिंह दोबार यहां से जीत मिली।