बिहार चुनाव में महिलाओं की भूमिका निर्णायक रही, पर सिर्फ 10 हजार रुपए की नकद सहायता को एनडीए की जीत का कारण बताना अधूरी तस्वीर है। पिछले 15 वर्षों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण ने मिलकर नया विकास मॉडल गढ़ा है।
सड़क, हवाई, शिक्षा और स्वास्थ्य के अभूतपूर्व विस्तार ने महिला सशक्तीकरण को टिकाऊ और वास्तविक आधार दिया है। विकास और महिला सशक्तीकरण अब अलग-अलग अध्याय नहीं, बल्कि बिहार के परिवर्तन की एक ही कहानी हैं और इसी मॉडल ने देश के सामने महिला-प्रेरित विकास का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया है।
सड़क नेटवर्क का विस्तार
सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार 2005 से 2024 के बीच राज्य में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों की कुल लंबाई 8,621 किलोमीटर से बढ़कर 22,530 किलोमीटर हो गई। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ते हुए 1.78 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क खड़ा कर दिया।
हवाई कनेक्टिविटी का नया युग
पटना, गया और दरभंगा हवाई अड्डों के विस्तार ने हाई-स्पीड लैंडिंग सुविधाओं और आधुनिक टर्मिनल क्षमताओं के साथ यात्री और कार्गो ट्रैफिक में बड़ी बढ़त दर्ज की है। साथ ही पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में नए हवाई अड्डों की स्थापना प्रक्रियाधीन है। इससे पर्यटन, औद्योगिक निवेश को ऐतिहासिक बढ़ावा मिला है।
स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार
स्वास्थ्य ढांचा भी इसी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण स्तंभ बना। 2005 में जहां राज्य में केवल छह मेडिकल कॉलेज थे, वहीं 2024 तक यह संख्या बढ़कर 23 हो गई। स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार ने लोगों को बेहतर उपचार विकल्प और चिकित्सा सुरक्षा प्रदान की है।
उच्च शिक्षा की नई तस्वीर
ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन 2024 रिपोर्ट के अनुसार 2010 से 2024 के बीच महिला नामांकन में 71 प्रतिशत वृद्धि देखने को मिली। विद्यालयों, महाविद्यालयों और विवि में सुविधाओं के विस्तार के साथ छात्राओं के प्रवेश और करियर उन्मुख शिक्षा में रुचि लगातार बढ़ी है, जिसने महिलाओं को और मजबूत बनाया है।
जनधन खातों का प्रभाव
जनधन योजना के तहत राज्य भर में खोले गए करोड़ों महिला बैंक खातों ने पिछले वर्षों में असाधारण बदलाव लाया है। इन खातों में समय-समय पर उज्ज्वला, मातृ वंदना जैसी कई सरकारी योजनाओं की धनराशि लगातार आती रही, जिससे पहली बार महिलाओं के हाथ में स्वयं का बैंक बैलेंस बना।