चुनावी रैलियों में कोविड-19 से जुड़े नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। सोशल डिस्टेसिंग भी नहीं है। ऐसे में बिहार चुनाव को लेकर केंद्र की ओर से एक विशेष दल भेजा जाएगा। चुनाव के दौरान इन नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए विशेष दल निगरानी रखेगा। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने यह जानकारी देते हुए कि विशेष दल चुनाव में नामाकंन से लेकर मतदान तक की स्थिति पर निगरानी रखेगा।
नीतीश के सामने नतमस्तक है भाजपा: शिवसेना
बिहार में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने पर शिवसेना ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। शिवसेना ने कहा है कि भाजपा नीतीश के सामने नतमस्तक है। आखिरकार, भाजपा ने बिहार का फार्मूला महाराष्ट्र में क्यों नहीं अपनाया। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कहा, गृहमंत्री अमित शाह ने इंटरव्यू में कहा कि भाजपा को ज्यादा सीटें मिलने के बावजूद नीतीश कुमार ही सीएम बनेंगे। लेकिन बिहार के इस फार्मूले को महाराष्ट्र में या अन्य राज्य में प्रयोग नहीं किया गया। शाह का बयान कि नीतीश कुमार पुराने और भरोसे के साथी हैं यह तर्कसंगत नहीं है।
नीतीश कुमार एनडीए से नाता तोड़कर फिर वापस लौटे हैं। फिर भी वह पुराने और निष्ठावान साथी साबित होते हैं। इसके लिए नीतीश की जितनी तारीफ की जाए वह कम है। वह ये सब कैसे कर पाते हैं यह रहस्य ही है।
लोजपा सांसद प्रिंस ने लालू के परिजनों से की मुलाकात
लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद प्रिंस राज ने मंगलवार को लालू यादव के आवास पर जाकर उनके परिजनों को दिवंगत रामविलास पासवान के श्राद्ध कर्म के लिए निमंत्रण दिया। लोजपा सांसद ने कहा कि यह एक औपचारिक भेंट थी और इस दौरान किसी प्रकार की राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। मैं वहां पारिवारिक रिश्ते के कारण उन्हें निमंत्रण देने के लिए गया था।