मीडियाकर्मियों से बदतमीजी पर बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इनकार किया है। तेजस्वी ने उल्टा मीडिया पर खराब व्यवहार का आरोप लगाया।
गुरुवार को फेसबुक पोस्ट के जरिए तेजस्वी ने कहा कि ' एकसाथ कई मीडियाकर्मी मेरे मुंह के पास माइक लेकर खड़े हो गए थे। इस दौरान एक समय ऐसा भी था जिसमें 10 माइक मेरी नाक के बिल्कुल करीब थे जिसकी वजह से मुझे चोट लग सकती थी। इस दौरान मैंने खुद को बचाया और मेरे बॉडीगॉर्ड ने मुझे सुरक्षा दी। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों को चोटें भी आईं।'
उन्होंने मारपीट के आरोपों से साफतौर पर इनकार किया है। मीडियाकर्मियों के काम को मुश्किल बताते हुए कहा कि 'मैं जानता हूं कि मीडियाकर्मी किन मुश्किल परिस्थितियों में काम करते हैं। आरजेडी का व्यवहार हमेशा मीडिया के साथ दोस्ताना रहा है।'
बुधवार को पटना सचिवालय में तेजस्वी के सुरक्षाकर्मियों ने वहां मौजूद रिपोर्टर समेत अन्य पत्रकारों के साथ पहले दुर्व्यवहार किया और बाद में धक्का-मुक्की भी की। यही नहीं सुरक्षाकर्मियों ने मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट भी की। मारपीट करने के बाद वहां मौजूद पत्रकारों ने इसका विरोध भी किया।
गौरतलब है जांच एजेंसियों के लगातार पड़ रहे छापों से लालू परिवार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। जिनकी वजह से लालू और उनका परिवार विरोधी पार्टियों के निशाने पर है। विरोधी पक्ष लालू के दोनों बेटों के इस्तीफे की मांग कर रहा है। जबकि लालू ने तेजस्वी के इस्तीफे से साफ इनकार कर दिया है।