किसान आंदोलन की जनसभाओं से फूंका जाएगा विरोध का बिगुल
बिहार में किसान आंदोलन की जनसभाओं के लिए तैयार किया गया मंच अब राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ बजाए जाने वाले बिगुल के मंच के तौर पर भी पहचाना जाएगा। कांग्रेस की योजना है कि पांच अप्रैल के बाद से सभी जिलों, शहरों और तहसीलों समेत ब्लॉक और गांवों में अपने कार्यकर्ताओं की पदयात्रा शुरू करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा बताते हैं कि उनकी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता गांव में जाकर सुबूतों के साथ इस बात का जिक्र करेगा कि बिहार में कानून व्यवस्था के क्या हालात है। प्रदेश अध्यक्ष कहते हैं कि राज्य में चोरी-डकैती, लूट और बलात्कार जैसी घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। कानून व्यवस्था के अलावा कांग्रेस राज्य सरकार को चिकित्सा शिक्षा और सड़कों के साथ-साथ बिजली व्यवस्था और महिला सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी घेरेगी।
बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य प्रेम चंद मिश्र ने बताया अभी सरकार को बने हुए तीन महीने हुए हैं और जिस तरीके से सरकार ने विधायकों के साथ बर्बरता की है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं आने वाले वक्त में जनता के साथ क्या होने वाला है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अब इस मामले पर चुप नहीं रहने वाली है। इसके लिए अगले साल तक का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है।
मिश्रा ने बताया कि राज्य के हालात को लेकर उनकी पार्टी कांग्रेस आलाकमान के लगातार संपर्क में है। कांग्रेस आलाकमान के निर्देशों के मुताबिक राज्य में हम लोग अपने आंदोलन को और तेज करते जाएंगे। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य 2024 में कांग्रेसी विचारधारा वाले साथियों के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी और नीतीश सरकार का सूपड़ा साफ करना है।
बिहार प्रभारी भक्त चरण दास ने कहा कि पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे सदन में अलोकतांत्रिक तरीके से नीतीश सरकार ने पुलिसिया कार्रवाई करने की खुली छूट दी। उन्होंने कहा नीतीश सरकार और भाजपा सरकार मिलकर दमनकारी आंदोलन चला रही हैं। कांग्रेस इसका खुलकर विरोध करेगी। बिहार के हर गांव, शहर, तहसील और ब्लॉक में इस घटना को लेकर उनके कार्यकर्ता जाएंगे।