कैबिनेट विस्तार में भाजपा के 15, जेडीयू के 13, लोजपा रामविलास के दो, हम और आरएलएम के एक-एक नेता ने मंत्रीपद की शपथ ली। जेडीयू से तीन नए चेहरों ने शपथ ली, जिनमें पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, बुलो मंडल और श्वेता गुप्ता का नाम शामिल है। देखिए पूरी सूची-
भाजपा
1.राम कृपाल यादव - OBC
2.केदार गुप्ता - कानू/ EBC
3.नीतीश मिश्रा - ब्राह्मण
4. मिथिलेश तिवारी - ब्राह्मण
5. रमा निषाद - EBC / मल्लाह
6. विजय कुमार सिन्हा - भूमिहार
7. दिलीप जायसवाल - EBC
8. प्रमोद चंद्रवंशी - EBC
9. लखेन्द्र पासवान - दलित
10. संजय टाइगर- राजपूत
11. इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र- भूमिहार
12. नंद किशोर राम- दलित
13. रामचंद्र प्रसाद - वैश्य/ OBC
14. अरुण शंकर प्रसाद - सूढ़ी/ EBC
15. श्रेयसी सिंह- राजपूत
जदयू
1. निशांत कुमार- कुर्मी/ OBC
2. श्रवण कुमार - कुर्मी/ OBC
3. अशोक चौधरी- दलित
4. लेसी सिंह- राजपूत
5. मदन सहनी- मल्लाह/ EBC
6. सुनील कुमार- दलित
7. जमा खान- अल्पसंख्यक
8. भगवान सिंह कुशवाहा- कोइरी/ OBC
9. शीला मंडल- धानुक / EBC
10. दामोदर राउत - धानुक/ EBC
11. बुलो मंडल- गंगोता/ EBC
12. रत्नेश सदा- दलित
13. श्वेता गुप्ता- बनिया
लोजपा (आर)
1. संजय पासवान- दलित
2. संजय सिंह - राजपूत
हम-से
1. संतोष मांझी- दलित
रालोमो
दीपक प्रकाश - कुशवाहा
वहीं भाजपा से जो पांच नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल किए गए हैं, उनमें मिथिलेश तिवारी, रामचंद्र पासवान, अरुण शंकर, नंदर किशोर राम और इंजीनियर शैलेंद्र का नाम शामिल है। बिहार सरकार की कैबिनेट में अब पांच महिला मंत्री हैं, जिनमें जदयू की तीन नेता शामिल हैं।
बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा एक बार फिर नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी संभालने की तैयारी में हैं। संगठन में मजबूत पकड़, सदन में आक्रामक शैली और प्रशासनिक अनुभव के कारण पार्टी नेतृत्व लगातार उन पर भरोसा जताता रहा है। विधायक से लेकर मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विपक्ष के नेता, उपमुख्यमंत्री और अब सम्राट कैबिनेट में उनका शामिल होना बिहार की राजनीति में उनके मजबूत पैठ की पहचान है। लखीसराय से आने वाले विजय सिन्हा ने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं।
मंत्रिमंडल में कई पुराने और नए चेहरों को जगह मिल रही है, लेकिन एक नाम जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा है, वह हैं जनता दल (यू) के दिग्गज नेता रत्नेश सदा। जून 2023 में जब संतोष सुमन ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रत्नेश सदा को अपनी कैबिनेट में शामिल किया था। उन्हें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री बनाया गया था। अब एक बार फिर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें अपने मंत्रिमंडल में जगह देने जा रहे हैं।
बिहार मंत्रिमंडल विस्तार
- फोटो : अमर उजाला
समता पार्टी से पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे दामोदर रावत ने उसके बाद जनता दल (यू) के टिकट पर लगातार अपनी स्थिति मजबूत की और क्षेत्र में प्रभावशाली नेता के रूप में पहचान बनाई, जो अब एक बार फिर 2026 के सम्राट सरकार में दामोदर रावत ने पद और गोपनीयता की शपथ ली है।
राजनीतिक करियर के दौरान दामोदर रावत बिहार सरकार में भवन निर्माण मंत्री और समाज कल्याण मंत्री जैसे अहम पदों पर भी रह चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव और क्षेत्रीय जुड़ाव ने उनकी छवि को और मजबूत किया है। जिसका परिणाम अब यह है कि एनडीए सरकार में उन्हें फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
फुलपरास विधानसभा सीट से जनता दल (यूनाइटेड) की विधायक शीला मंडल ने एक बार फिर चुनाव जीत दर्ज की है। वह पहली बार वर्ष 2020 में विधायक चुनी गई थीं। बिहार की राजनीति में शीला मंडल जदयू का एक प्रमुख महिला चेहरा मानी जाती हैं। वर्ष 2020 में पहली बार विधायक बनने के बाद ही उन्हें नीतीश कुमार सरकार में परिवहन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। अब सम्राट चौधरी सरकार में भी उन्हें दोबारा मंत्री बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘आधी आबादी’ रणनीति में शीला मंडल महिला सशक्तिकरण की मजबूत आवाज मानी जाती हैं।
फुलपरास विधानसभा सीट से जनता दल (यूनाइटेड) की विधायक शीला मंडल ने एक बार फिर चुनाव जीत दर्ज की है। वह पहली बार वर्ष 2020 में विधायक चुनी गई थीं। बिहार की राजनीति में शीला मंडल जदयू का एक प्रमुख महिला चेहरा मानी जाती हैं। वर्ष 2020 में पहली बार विधायक बनने के बाद ही उन्हें नीतीश कुमार सरकार में परिवहन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। अब सम्राट चौधरी सरकार में भी उन्हें दोबारा मंत्री बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘आधी आबादी’ रणनीति में शीला मंडल महिला सशक्तिकरण की मजबूत आवाज मानी जाती हैं।