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महागठबंधन बचाने के लिए सोनिया से मिले शरद यादव, लालू-नीतीश में बातचीत बंद

Sun, 16 Jul 2017 10:00 AM IST
amarujala.com, Presented By: अजय कुमार सिंह
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फाइल फोटो
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तेजस्वी मामले पर राजद को दिया गया जदयू का चार दिन का अल्टीमेटम भी खत्म हो गया है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री के आवास पर रविवार को जदयू की बैठक बुलाई गई है। समझा जाता है कि अपनी छवि को लेकर चिंतित नीतीश इस बैठक में कोई बड़ा फैसला कर सकते हैं। जदयू की दिली इच्छा जहां तेजस्वी का इस्तीफा लेने की है वहीं राजद इसके लिए कतई तैयार नहीं है।
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वहीं, लालू यादव के अड़ जाने पर अब शरद यादव ने सोनिया गांधी से मुलाकात की है। सूत्रों के मुताबिक, शरद यादव ने सोनिया गांधी से बंद कमरे में मुलाकात की। मुलाकात में दोनों नेताओं ने महागठबंधन बचाने और बिहार सरकार चलती रहे पर जोर दिया। हालांकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनता दल (यू) के बीच बढ़ती दरार की सुगबुगाहट को तब और हवा मिल गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पहुंचे ही नहीं। कुछ समय तक तो उपमुख्यमंत्री के इंतजार में उनकी नेमप्लेट को ढंककर रखा गया लेकिन बाद में उसे मंच से ही हटा लिया गया। तेजस्वी की इस गैर-मौजूदगी पर तरह तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को आयोजित ‘विश्व युवा कौशल दिवस’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों को शामिल होना था। सरकार के इस कार्यक्रम में तेजस्वी का नाम विशिष्ट अतिथियों की सूची में शामिल था और मंच पर तेजस्वी के लिए कुर्सी और नेमप्लेट भी रखी गई थी। लेकिन कार्यक्रम शुरू होने तक उनकी नेमप्लेट को नीले गत्ते से ढंककर उनका इंतजार किया गया। लेकिन जब वह नहीं पहुंचे तो नेमप्लेट हटाकर उनकी कुर्सी पर योजना एवं विकास विभाग के मंत्री ललन सिंह बैठे पाए गए। 
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नीतीश के कार्यक्रम से तेजस्वी नदारद

tejasvi yadav
इससे पहले तेजस्वी के इस्तीफे के सवाल पर जदयू के सूत्रों ने बताया कि एफआईआर में तेजस्वी का नाम होने के बावजूद पार्टी नेता ने उपमुख्यमंत्री का इस्तीफा नहीं मांगा है। उनकी इतनी ही मांग थी कि तेजस्वी को आगे आकर अपनी सफाई देनी चाहिए। राजद-जदयू के महागठबंधन में दरार की खबरों पर जदयू नेता केसी त्यागी ने राजद नेता लालू यादव का ही बयान दोहराते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं किया जाएगा कि उनके बेटे को नुकसान पहुंचे। 

उन्होंने कहा, ‘महागठबंधन तोड़ने का अंतिम फैसला जदयू और नीतीश के हाथों में ही है। नीतीश कुमार ने ही तेजस्वी को यह मौका दिया है। लिहाजा उन्हें पद से हटाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।’ इससे पहले लालू ने कहा था कि बिहार में महागठबंधन अटूट है। राजद कभी भाजपा या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को जदयू, कांग्रेस तथा राजद का महागठबंधन तोड़ने की मंशा पूरी करने नहीं देगा। तेजस्वी यादव के इस्तीफे के लिए एफआईआर कोई ठोस वजह नहीं है इसलिए वह इस्तीफा नहीं देंगे।

समझा जाता है कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तेजस्वी पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर जब से जदयू ने उन्हें स्पष्टीकरण देने तथा लालू यादव को अपनी संपत्ति और आय के स्रोत बताने के लिए कहा, तभी से प्रदेश में गठबंधन के दोनों अहम सहयोगी दलों के बीच दरार बढ़ने लगी है।  
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