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बड़े फैसले: 44 हजार करोड़ की केन-बेतवा नदी लिंक योजना मंजूर, पीएम आवास ग्रामीण 2024 तक बढ़ाई 

Wed, 08 Dec 2021 05:59 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना की कुल लागत 44,605 करोड़ रुपये है। इसमें से केंद्र सरकार 39,317 करोड़ रुपये देगी। 
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कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण केन-बेतवा नदी लिंक योजना को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की मियाद बढ़ाकर 2024 कर दी गई है। 

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कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना की कुल लागत 44,605 करोड़ रुपये है। इसमें से केंद्र सरकार 39,317 करोड़ रुपये देगी। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा नदी जोड़ो योजना से बुंदेलखंड क्षेत्र का तेजी से विकास हो सकेगा। इससे क्षेत्र के लोगों की सामाजिक व आर्थिक दशा सुधरेगी। 

बुंदेलखंड में यूपी और मप्र का कुछ हिस्सा आता है। दोनों नदियों को लिंक करने से इलाके में सिंचाई व पेयजल की समुचित व्यवस्था हो सकेगी।  केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की मियाद 2024 तक बढ़ाने से बुनियादी सुविधाओं से युक्त 2.95 करोड़ पक्के घर बनाने का लक्ष्य पूरा हो सकेगा। 
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19 साल से कागजों में फंसी थी योजना
पिछले करीब 19 साल से यह परियोजना कागजों में फंसी थी लेकिन, केंद्र सरकार की दखल के बाद उप्र एवं मप्र सरकार परियोजना को आगे बढ़ाने पर राजी हो गईं। अभियंताओं के मुताबिक पन्ना (मध्य प्रदेश) में केन नदी पर दौधन बांध बनेगा। यहां से 221 किलोमीटर लंबा लिंक चैनल निकलेगा। इसके लिए झांसी में बरुआसागर के पास परियोजना की वीयर बनाई जानी है हालांकि यह स्थान अभी तक चयनित नहीं हुआ।

बुंदेलखंड में गेम चेंजर साबित होगी योजना
बुंदेलखंड की बहुप्रतीक्षित केन-बेतवा लिंक परियेाजना का काम अगले माह से आरंभ होने की उम्मीद है। केन-बेतवा लिंक परियोजना को बुंदेलखंड का सूखा दूर करने के मामले में गेम चेंजर माना जा रहा है। झांसी के सूखाग्रस्त इलाकों को भी इससे काफी फायदा पहुंचेगा। सिंचाई अभियंताओं का दावा है इसकी मदद से सभी नहर एवं तालाबों को न सिर्फ भरा जा सकेगा बल्कि सपरार, खपरार एवं लखेरी जैसे सूखे रहने वाले बांध भी लबालब हो जाएंगे। इसकी मदद से झांसी के 17488 हेक्टेयर एवं ललितपुर के 3533 हेक्टेयर रकबे को सिंचाई का पानी मिलेगा।

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