महाराष्ट्र के नागपुर से एक परिवार ने अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन का दूर का रिश्तेदार होने की बात कही है। परिवार का कहना है कि वे भी बाइडन हैं और 1873 से यहां हैं।
बता दें कि बाइडन 2013 में बतौर उपराष्ट्रपति भारत आए थे। तब उन्होंने मुंबई में एक भाषण में कहा था कि 1972 में जब वह पहली बार सीनेटर बने थे, तो उन्हें मुंबई से एक बाइडन का पत्र मिला था। मुंबई वाले बाइडन ने उन्हें बताया कि दोनों के पूर्वज एक ही हैं। उक्त पत्र में उन्हें जानकारी दी गई थी कि उनके पूर्वज 18वीं सदी में ईस्ट इंडिया कंपनी में काम करते थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, 1972 में यह पत्र लिखने वाले सामने नहीं आए हैं, लेकिन नागपुर की रहने वाली एक महिला ने बताया कि उनकी दादी लेस्ली बाइडन ने ही जो बाइडन को पत्र लिखा था। लेस्ली की नागपुर में ही रहने वाली पोती सोनिया बाइडन फ्रांसिस ने कहा कि उनका परिवार 1973 से यहां रह रहा है। जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने से उनका परिवार बेहद खुश है। सोनिया ने बताया कि लेस्ली का 1983 में ही निधन हो गया था।
लेस्ली ने 15 अप्रैल 1981 को जो बाइडन को यह पत्र लिखा था। इसके बाद 30 मई, 1981 को जो बाइडन ने लेस्ली को पत्र लिख जवाब दिया था और अपनी वंशावली को लेकर चर्चा की थी। लेस्ली और जो बाइडन पत्र के माध्यम से जुड़े हुए थे, लेकिन लेस्ली की मौत के बाद पत्रों का यह दौर रुक सा गया। सोनिया ने यह भी बताया कि बाइडन नागपुर ही नहीं बल्कि मुंबई और न्यूजीलैंड में भी हैं। बाइडन परिवार लेस्ली के पोते लेस्ली डेविड बाइडन की शादी में एकत्रित भी हुए थे। सोनिया के भाई ईयान बाइडन भी नागपुर में ही रहते हैं।