भारत और भूटान के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत भूटान सरकार ने प्रशिक्षण के लिए अपने अधिकारियों का चयन किया है। भारतीय राजस्व सेवा के 74वें बैच में 43 अधिकारी और पांच भूटानी सिविल सेवक शामिल हैं।
भूटान सरकार ने पांच सिविल सेवकों को राजस्व सेवा के एक वर्ष का प्रारंभिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बंगलूरू भेजा है। वे भारतीय राजस्व अधिकारियों (आईआरएस) के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह जानकारी द भूटान लाइव की रिपोर्ट के हवाले से है।
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भारत और भूटान के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत भूटान सरकार ने प्रशिक्षण के लिए अपने अधिकारियों का चयन किया है। भारतीय राजस्व सेवा के 74वें बैच में 43 अधिकारी और पांच भूटानी सिविल सेवक शामिल हैं। भूटानी अधिकारियों ने भारत में अनुभव साझा करते हुए कहा, आईआरएस पाठ्यक्रम में उनके ज्ञान का दायरा व्यापक हुआ है। वे भारत में जमीन, समुद्र और हवाई व्यापार से जुड़े नियमों का अध्ययन कर रहे हैं, जबकि भूटान जमीन और पहाड़ों तक ही सीमित है। वह यहां कुछ समय के लिए राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स अकादमी में भी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।