महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और उनके भांजे समीर को महाराष्ट्र सदन मामले में जमानत मिल गई है। एसीबी कोर्ट से बुधवार को दोनों को जमानत मिल गई।
इस मामले में जमानत मिलने के बावजूद भुजबल और उनके भांजे जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे, क्योंकि दोनों मनी लॉड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय की न्यायिक हिरासत में है। महाराष्ट्र सदन मामले में दोनों में से प्रत्येक को 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मिली है।
दिल्ली के महाराष्ट्र सदन के निर्माण में ठेकेदार को अनुचित फायदा दिलाने का आरोप है। सदन के निर्माण में ठेकेदार ने 80 फीसदी का मुनाफा कमाया जबकि सरकारी सर्कुलर के मुताबिक उसे सिर्फ 20 फीसदी ही मुनाफा कमाने का ही अधिकार था।
एसीबी के अधिकारियों के मुताबिक ठेकेदार ने भुजबल से जुड़ी कुछ कंपनियों में सदन के निर्माण से हुए मुनाफे का पैसा ट्रांसफर किया था।