भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए 7,844 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड की मांग वाली केंद्र सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा। याचिका में यूनियन कार्बाइड की उत्तराधिकारी फर्म से अतिरिक्त राशि की मांग की गई है। इस कंपनी की मालिक अब डाउ केमिकल्स है।
जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ पीड़ितों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए दायर केंद्र की क्यूरेटिव याचिका पर सुनवाई करेगी। पीठ में जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस विनीत सरन, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस रवींद्र भट भी शामिल हैं।
केंद्र चाहता है कि पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के लिए पहले से निर्धारित राशि 715 करोड़ (47 करोड़ डॉलर) के अलावा यूनियन कार्बाइड व अन्य फर्मों को अतिरिक्त 7,844 करोड़ रुपये देने का निर्देश दिया जाए। भोपाल में दो-तीन दिसंबर, 1984 की रात यूनियन कार्बाइड के प्लांट में गैस रिसाव के कारण तीन हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। एक लाख से ज्यादा लोग बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
गवली की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना पार्षद की हत्या मामले में अरुण गवली की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है। बांबे हाईकोर्ट ने पिछले साल नवंबर में गवली को उम्र कैद की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। शिवसेना पार्षद कमलाकर जमसांदेकर की दो मार्च, 2007 में उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।