महाराष्ट्र के भिवंडी में तीन मंजिला इमारत के ढहने के हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। बता दें कि मंगलवार को सात और लोगों के शव मलबे से निकाले गए थे। हालांकि करीब 25 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
जानकारी के मुताबिक मरने वालों में दो वर्ष से 15 वर्ष के 11 बच्चे भी शामिल हैं। एक अधिकारी ने बताया कि 43 वर्ष पुरानी ‘जिलानी बिल्डिंग’ सोमवार तड़के तीन बजकर 40 मिनट पर ढह गई थी। इमारत में करीब 40 फ्लैट थे और करीब 150 लोग यहां रहते थे।
बता दें कि भिवंडी, ठाणे शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है। उन्होंने बताया कि इमारत गिरने के मामले में नगर निकाय के दो अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है। इमारत के मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया गया है।
धमनकर नाका के पास नारपोली में पटेल कम्पाउंड में स्थित यह इमारत जिस समय ढही, उस समय उसमें रहने वाले लोग सो रहे थे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) और ठाणे आपदा अनुक्रिया बल (टीडीआरएफ) के कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं और खोज अभियान जारी है।
यह इमारत भिवंडी-निजामपुर नगर निगम की जीर्ण-शीर्ण इमारतों की सूची में शामिल नहीं थी। भिवंडी के पुलिस उपायुक्त राजकुमार शिंदे ने बताया कि इमारत गिरने के बाद नगर निकाय के अधिकारियों की शिकायत पर इमारत के मालिक सैयद अहमद जिलानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिंदे ने बताया कि बृहन्मुंबई नगर निगम ने मामले में दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित किया है। एक जांच समिति का भी गठन किया गया है, जिसमें सहायक नगर नियोजक (टाउन प्लैनर) शामिल हैं।
नगर निकाय अधिकारी ने बताया कि इमारत के लोगों को कथित अनियमितताओं के लिए 2019 और इस साल फरवरी में नोटिस भेजे गए थे, परंतु किराया कम होने की वजह से लोगों ने घर खाली नहीं किए।
महाराष्ट्र के पुनर्वास मंत्री विजय वाडेट्टीवार ने इस हादसे को लेकर कहा कि भिवंडी में अनधिकृत और जीर्ण-शीर्ण इमारतों का मुद्दा बहुत गंभीर है और राज्य मंत्रिमंडल में इस पर चर्चा की जाएगी।
मंत्री ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा भी किया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि अतिरिक्त एफएसआई को मंजूरी देने और प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए अन्य उपायों के बारे में निर्णय लिया जाएगा। हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।