मुंबई में विशेष एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) अदालत ने भीमा कोरेगांव हिंसा से संबंधित मामले में गौतम नवलखा को 22 जुलाई तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले विशेष एनआईए अदालत ने गौतम नवलखा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। नवलखा ने डिफॉल्ट जमानत के लिए याचिका दायर की थी। नवलखा ने कहा था कि उन्हें एनआईए द्वारा बिना किसी आरोपपत्र के 90 दिनों से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया है, इसलिए कानूनन वह डिफॉल्ट जमानत पाने के हकदार हैं।
बता दें कि गौतम नवलखा को कोरेगांव भीमा गांव में एक जनवरी, 2018 को हुई हिंसा के सिलसिले में पुणे पुलिस ने अगस्त, 2018 को गिरफ्तार किया था। पुणे पुलिस ने आरोप लगाया था कि 31 दिसंबर 2017 को पुणे में आयोजित एलगार परिषद में भड़काने वाले बयान दिए गए थे। इसकी वजह से अगले दिन कोरेगांव भीमा में हिंसा भड़क उठी थी। पुलिस का आरोप था कि इस कार्यक्रम को माओवादियों का समर्थन प्राप्त था।