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भीमा कोरेगांव हिंसा मामला: स्वास्थ्य आधार पर जमानत के लिए इंतजार ही करते रह गए स्टेन स्वामी

Tue, 06 Jul 2021 06:24 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, मुंबई

सार

  • जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनजे जामदार की पीठ ने जैसे ही करीब 2.30 बजे स्टेन स्वामी की जमानत याचिका पर विचार करने के लिए सुनवाई शुरू की, उनके वकील मिहिर देसाई ने कहा कि जेल में बंद फादर स्टेन स्वामी का इलाज कर रहे डॉक्टर कुछ कहना चाहते हैं।
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स्टेन स्वामी - फोटो : twitter
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विस्तार
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2018 के भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में महाराष्ट्र की जेल में बंद आरोपी आदिवासी कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी स्वास्थ्य आधार पर आखिरी दम तक अपनी जमानत का इंतजार ही करते रहे। सोमवार को उनकी जमानत अर्जी पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई थी, मगर उससे पहले ही उन्होंने एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। 

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अर्जी पर सुनवाई से पहले ही स्टेन स्वामी के निधन पर हाईकोर्ट ने जताया खेद
जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनजे जामदार की पीठ ने जैसे ही करीब 2.30 बजे स्टेन स्वामी की जमानत याचिका पर विचार करने के लिए सुनवाई शुरू की, उनके वकील मिहिर देसाई ने कहा कि जेल में बंद फादर स्टेन स्वामी का इलाज कर रहे डॉक्टर कुछ कहना चाहते हैं।

इस पर होली फैमिली के निदेशक डॉ इयान डिसूजा ने पीठ से कहा, भारी मन से सूचित करना पड़ रहा है कि रविवार तड़के स्वामी को दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। हम उन्हें दोबारा होश में नहीं ला पाए। उनका दोपहर डेढ़ बजे निधन हो गया।
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इस पर पीठ ने कहा, हमें यह जानकर खेद है कि उनका निधन हो गया। हम स्तब्ध हैं। हमने पहले दिन उनके अस्पताल में भर्ती करने के आदेश पारित किए थे। स्टेन स्वामी फेफड़े में संक्रमण, पार्किंसंस रोग और कोविड-19 की जटिलताओं से पीड़ित थे। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने रविवार को ही स्टेन स्वामी की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में मिली एक शिकायत के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया था। 

न्याय और मानवता के हकदार थे: राहुल
स्टेन स्वामी की मौत पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने संवेदना जताते हुए ट्वीट किया कि वे न्याय और मानवता के हकदार थे।

मौत की जवाबदेही तय हो: माकपा
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने फादर स्टेन स्वामी के निधन पर दुख और आक्रोश जताते हुए ट्वीट किया, बगैर किसी आरोप के यूएपीए लगा कर अक्तूबर 2020 से हिरासत में अमानवीय व्यवहार किया गया। हिरासत में हुई इस हत्या की जवाबदेही जरूर तय की जानी चाहिए।

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