भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में नजरबंद रहे सामाजिक कार्यकर्ता वरवर राव को महाराष्ट्र पुलिस ने शनिवार देर शाम उनके हैदराबाद स्थित आवास से गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पुलिस ने वरवर राव की नजरबंदी की अवधि आज समाप्त होने के बाद यह कार्रवाई की है।
गौरतलब है कि गुरुवार को इस मामले में पुणे पुलिस ने पुणे सत्र न्यायालय में पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए थे। जिनके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था उनमें एडवोकेट सुरेंद्र गडलिंग, शोमा सेन, महेश राउत, सुधीर ढवाले और रोना विल्सन शामिल हैं।
बता दें कि इससे पहले पुणे सेशंस कोर्ट ने भीमा कोरेगांव हिंसा में आरोपी सुधा भारद्वाज, अरुण फेरेरा और वर्नोन गॉन्जाल्विस को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। कोर्ट उनकी जमानत याचिका खारिज खारिज कर चुका है और तीनों को नजरबंद रखा गया है। कोर्ट में पेशी के दौरान अरुण फेरेरा ने बताया था कि हिरासत के दौरान हुई पूछताछ में उन्हें काफी मारा-पीटा गया है। अरुण फरेरा ने कहा था कि 4 नवंबर को पूछताछ के दौरान 8 से 10 बार पुलिस अधिकारियों ने मारा जिसकी वजह से उनकी तबियत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
बता दें कि इस साल जनवरी में हुई भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में पुणे पुलिस ने 28 अगस्त को देशभर के कई शहरों में एक साथ छापेमारी कर सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव को हैदराबाद से, फरीदाबाद से सुधा भारद्वाज और दिल्ली से गौतम नवलखा को गिरफ्तार किया था। वहीं ठाणे से अरुण फरेरा और गोवा से वर्नोन गॉन्जाल्विस को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि गौतम नवलखा को दिल्ली हाई कोर्ट ने रिहा कर दिया था।