जनवरी 2018 में पुणे के नजदीक भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के आरोपी गौतम नवलखा की गिरफ्तारी पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया है। अपनी याचिका में नवलखा ने पुणे पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की है। याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश रंजीत मोरे और भारती डांगरे की खंडपीठ ने कहा कि पुलिस के कुछ दस्तावेज संकेत करते हैं कि नवलखा निर्दोष हैं, जबकि रिकॉर्ड के बाकी दस्तावेजों को ध्यान से जांचने की जरूरत है।