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भय्यूजी महाराज आत्महत्या के मामले में पुलिस ने सेवादार विनायक को हिरासत में लिए जाने की खबर है। पुलिस को कई दिनों से विनायक की तलाश थी लेकिन वह फरार था। उसके घर पर भी कई बार नोटिस भेजा गया था लेकिन वह कभी भी पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ। पुलिस को लंबे अरसे से विनायक की तलाश थी। आखिरकार शुक्रवार को वह पुलिस के हाथ लग गया। पुलिस उसे लेकर आज़ाद नगर थाने पहुंची।
हो सकते हैं कई खुलासे
भय्यू महाराज आत्महत्या केस में विनायक के बयानों से कई खुलासे हो सकते हैं। ये केस अब तक नहीं सुलझ सका है। 12 जून 2018 का ये केस इतना उलझा हुआ है कि आईपीएस अफसर अगम जैन खुद इस केस की जांच कर रहे हैं।
इससे पहले भय्यू महाराज के कई करीबी पुलिस को बयान देने थाने पहुंचे थे। कुछ लोग महाराष्ट्र से भी आए थे। लेकिन कई नोटिस देने के बावजूद विनायक नहीं पहुंचा था। पुलिस की कई पार्टियां लगातार उसकी तलाश में लगी हुई थी और आखिरकार वह हत्थे चढ़ गया।
भय्यू महाराज (50) ने अपने बाइपास रोड स्थित बंगले में 12 जून को लायसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। लेकिन इस पर कई सवाल उठते रहे हैं।
अदालत ने जमानत देने से किया था इंकार
बता दें कि आत्महत्या करने वाले आध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज के पूर्व ड्राइवर समेत तीन लोगों को जमानत देने से जिला अदालत ने बुधवार को इंकार कर दिया था। इन्हें भय्यू महाराज के परिचित वकील को पांच करोड़ रुपये की फिरौती के लिये धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) अंशु चौहान ने भय्यू महाराज के पूर्व ड्राइवर कैलाश पाटिल और उसके दो साथियों -अनुराग रोजिया और सुमित श्रीवास की जमानत याचिका दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद खारिज कर दी थी। इसके साथ ही, उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजने का आदेश दिया।