पीएम मोदी के नोटबंदी बावत साहसिक कदम उठाए जाने के बाद संघ ने केंद्र सरकार से व्यक्तिगत आयकर को खत्म करने की मांग की है। संघ के संगठन भारतीय मजदूर संघ ने वित्त मंत्री अरूण जेटली से कहा है कि वह अर्थक्रांति का समर्थन करता है। सरकार ने जब नोटबंदी सरीखा साहसिक कदम उठा लिया है तो उसे व्यक्तिगत आयकर को हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए।
भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) महासचिव बृजेश उपाध्याय ने वित्त मंत्री अरूण जेटली को पत्र लिखकर आयकर को समाप्त करने के साथ पेंशन की न्यून्तम सीमा को 1000 से बढ़ाकर 5000 करने की मांग की है। वर्ष 2017-18 के आम बजट के लिए वित्त मंत्री को सुझावों की लंबी फेहरिस्त सौंपते हुए बीएमएस ने सरकार से सामाजिक क्षेत्र मामलों का अलग विभाग बनाने की मांग की है। कोठारी आयोग के रिपोर्ट का हवाला देते हुए संघ संगठन ने सरकार से कहा है कि वह बजट की 6 प्रतिशत राशि और 3 प्रतिशत राशि स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च करे।
संघ के जरिए आयकर छूट की मांग को नोटबंदी के कदम से उपजे जनता में असंतोष पर मरहम लगाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। वैसे व्यक्तिगत आयकर खत्म करने की मांग योग गुरू राम देव और भाजपा नेता सुब्रहमण्यम स्वामी लंबे अरसे से उठाते आ रहे हैं। मगर संघ के किसी संगठन के जरिए सरकार से इस तरह की सीधी मांग हुई है। बताया जा रहा है कि संघ के निर्देश के बाद ही बीएमएस ने इस मांग को अपने एजेंडे में आगे बढ़ाया है।
इसके अलावा बीएमएस ने संस्थानों, फैक्ट्रियों और सेवा क्षेत्र के संस्थानों में कार्यदिवस की संख्या 5 करने की मांग की है। उसने वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि वे भारतीय जीवन बीमा के उस प्रस्ताव को तुरंत मानें जिसमें उसने अपने कर्मचारियों का कार्यविस 5 दिन करने की संस्तुति की है। तो ग्रामीण क्षेत्रां में रोजगार के अवसर बढ़ाने की कवायद में एसपी गुप्ता आयोग के सुझावों पर अमल करने की मांग की है। उसने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में पेड़ लगाने के कार्यक्रम को जनता को सौंपने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत मकान पाने वालों के लिए 5 पेड लगाना अनिवार्य करने की मांग की है।