भारत में विमानों के डिजाइन और निर्माण की सुविधा के साथ विमानन क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी की सुविधा प्रदान करने वाला नया वायुयान कानून बुधवार से लागू हो गया। नया कानून (भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024) 90 साल पुराने (विमान कानून अधिनियम, 1934) का स्थान लेगा। इसे महीने की शुरुआत में संसद से मंजूरी मिली थी। नए कानून में विमान के डिजाइन, निर्माण, रखरखाव, उपयोग, संचालन, बिक्री, निर्यात-आयात और संबंधित मामलों के विनियमन और नियंत्रण का प्रावधान किया गया है।
कानून में सुरक्षा, नियामक निरीक्षण और ग्राहकों के संरक्षण के साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानकों से तालमेल बिठाने का प्रयास किया गया है। यह विमान निर्माण में आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगा और निवेश को प्रोत्साहित करेगा। साथ ही नागरिक उड्डयन प्राधिकरणों के लिए मजबूत शासन संरचना बनेगी।
इससे पहले सरकार ने विमान सुरक्षा नियमों में संशोधन किया था। इसके तहत इस तरह की फर्जी कॉल करने वालों को दंड का सामना करना पड़ सकता है और उनके उड़ान भरने पर भी रोक लगाई जा सकती है। नए नियम के तहत अपराधियों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। सरकार ने नागर विमानन मंत्रालय ने विमान (सुरक्षा) नियम, 2023 के दो नए नियम - 29ए और 30ए में संशोधन किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अक्तूबर में विमानन कंपनियों को 666 फर्जी बम धमकियां मिलीं। जबकि इस साल 14 नवंबर तक ऐसी 999 धमकियों मिल चुकी हैं।