सरकार के लिए सियासी संकट पैदा कर रही पूर्व सहयोगी एवं आंध्र प्रदेश की राजनीतिक पार्टी टीडीपी को भाजपा सबक सिखाने के मूड में है। यही वजह है कि संसद में सरकार के पास प्रचंड बहुमत होने के बावजूद सरकार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं करा रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मानें तो टीडीपी को वह सबक सिखाने के मूड में हैं।
इस बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने सबसे लक्की
महासचिव राम माधव को आंध्र प्रदेश में कमल खिलाने की जिम्मा सौंपते हुए उन्हें सूबे के चुनावी मोर्चे पर उतार दिया है। अपने रणनीतिक कौशल के जरिए भाजपा के लिए सबसे कठीन माने-जाने वाले राज्यों जम्मू-कश्मीर, असम, त्रिपुरा और नागालैंड में पार्टी को चुनाव जीतवाकर सरकार बनवाने वाले माधव अब आंध्र प्रदेश में भाजपा को सफलता दिलवाएंगे।
हालांकि माधव को आंध्र प्रदेश के कामकाज से जोड़ने का अभी औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है। मगर सूत्र बताते हैं कि शनिवार को राज्य भाजपा नेताओं संग बैठक के बाद शाह ने इस आशय का निर्णय ले लिया है। प्रदेश के नेताओं को इस बात की जानकारी दे दी गई है। माधव के जिम्मे जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों के अलावा अब आंध्र प्रदेश भी होगा।