पुणे के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर रहते 2008 में सांसद सत्यपाल सिंह ने दी थी रिपोर्ट
इस्लामिक धर्मगुरु डॉ. जाकिर नाईक के खिलाफ भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने पुणे का ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर रहते हुए 2008 में महाराष्ट्र सरकार को रिपोर्ट दी थी। यह बात शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर सांसद सत्यपाल सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि जाकिर आज से नहीं एक दशक से सक्रिय है और उसे विदेशों से फंडिंग होती है। उन्होंने जो रिपोर्ट तत्कालीन सरकार को दी थी, उसे दबा दिया गया था।
बागपत से सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह पूर्व में महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे और नागपुर में पुलिस कमिश्नर रह चुके हैं। डॉ. सत्यपाल ने बताया कि जाकिर नाईक कोई नया नाम नहीं है, बल्कि वह पिछले एक दशक से ज्यादा समय से ऐसे कार्यों में लिप्त है। उसने आतंकियों के पक्ष में तो बयान अब दिया है, लेकिन धर्म परिवर्तन कराना, विदेशों से फंडिंग और दूसरे धर्म के ग्रंथों को आधार बनाकर सांप्रदायिक उन्माद भड़काने का काम वह शुरू से कर रहा है।
जाकिर अपने को बड़ा बुद्धिमान होने का दावा करता है। सत्यपाल सिंह ने कहा कि 2008 में जब वह पुणे में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर थे तो उन्होंने जाकिर के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार को रिपोर्ट दी थी, लेकिन कांग्रेस ने रिपोर्ट पर कार्रवाई तो दूर उसे पूरी तरह दबा दिया।
जाकिर पर कार्रवाई निश्चित रूप से होगी, लेकिन कानूनी प्रक्रिया में पूरे साक्ष्य और सबूत जुटाने के बाद ही उस पर केस दर्ज होगा। क्योंकि वोट के लालच में देश विरोधी सोच रखने वाले इसमें भी सांप्रदायिक आधार पर कार्रवाई होने की बात करेंगे।
कैराना मामले की नहीं हुई सही जांच
बोले, जाकिर को होती है विदेशों से फंडिंग, कराता है धर्म परिवर्तन
भाजपा सांसद ने कहा कि कैराना मामले में भाजपा टीम की जांच ठीक तरह से नहीं हुई। इसका बड़ा कारण समय की कमी रहा। उन्होंने सुझाव दिया था कि जांच में पिछले पांच साल शामिल करते हुए उसमें बिंदु तय किए जाएं कि कैराना से कितने लोगों ने अपनी संपत्ति बेची और किसने खरीदी, इसका रिकॉर्ड रजिस्ट्री विभाग से लिया जाए।
साथ ही कितने लोगों ने अपने गैस कनेक्शन ट्रांसफर कराये और कितने बच्चों के नाम स्कूल कॉलेजों से कटवाए गए। इस आधार पर सारा सच सामने आ जाएगा। यह सही है कि कैराना में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है और लोग डर के साए में जी रहे हैं। कैराना में पूरी तरह बदमाशों और माफिया का राज कायम है और उनके खिलाफ खुलकर कोई बोलने को तैयार नहीं है। मीडिया हो या कोई अन्य टीम, जो जांच के लिए जाती है, इन बदमाशों के लोग पीछे लग जाते हैं। जिस कारण आम जन चुप्पी साधे रहता है।
यूपी में जंगलराज, हटाये जाएं नकारा अफसर
सत्यपाल सिंह ने कहा कि यूपी में पूरी तरह जंगलराज कायम है। यदि सही पुलिसिंग करनी है तो नकारा अफसर तुरंत हटाए जाएं। उन्होंने कहा कि हम ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार करा रहे हैं, जो वर्दी के लिए नहीं बल्कि पार्टी विशेष के लिए काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों को भाजपा शासन में जगह नहीं दी जाएगी। जिस अधिकारी के क्षेत्र में क्राइम कंट्रोल नहीं हो रहा है, उसे तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए।
Published By Rahul Sankrityayan