सीएम कैंडिडेट के लिए राजनाथ, आदित्यनाथ और वरुण के नाम की भी चर्चा
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है। पार्टी का एक वर्ग उन्हें सीएम कैंडिडेट बनाने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व पर दबाव बनाए हुए है। स्मृति के लिए पूर्वांचल में ऐसी सीट की तलाश की जा रही हैं जहां से उन्हें आसानी से चुनाव जिताया जा सके। पार्टी सूत्रों की मानें तो वाराणसी की कैंट विधानसभा सीट से उन्हें लड़ाने की चर्चा पार्टी में है। हालांकि स्मृति की इच्छा रायबरेली अथवा अमेठी की किसी सीट से लड़ने की है।
फिलहाल सबकी नजर इलाहाबाद में रविवार से शुरू हो रही पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पर टिकी है। इसमें यूपी चुनाव को लेकर कई बड़े फैसले होने हैं। चुनाव में भाजपा का चेहरा पीएम मोदी होंगे या पार्टी किसी को चुनाव प्रचार अभियान की कमान सौंपेगी, इलाहाबाद की बैठक में तय होगा। हालांकि राजनाथ सिंह के अलावा भाजपा के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ का नाम भी सीएम कैंडिडेट के रूप में पार्टी में चल रहा है। भाजपा के एक अन्य फायर ब्रांड नेता वरुण गांधी का नाम भी सुर्खियों में है। इन सबके बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम तेजी से उछला है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में स्मृति की यूपी चुनाव में भूमिका को लेकर भी पार्टी कोई फैसला ले सकती है।
कैंट सीट पर 25 साल से भाजपा का कब्जा
वाराणसी की शहर दक्षिणी और कैंट विधानसभा सीट पर 25 वर्षों से भाजपा का कब्जा है। फिलहाल कैंट सीट से डॉ. ज्योत्सना श्रीवास्तव विधायक हैं। इनसे पहले इनके पति हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ‘हरीश जी’ विधायक थे। जातिगत समीकरणों की वजह से भी यह सीट भाजपा की परंपरागत सीट बन गई है। पहले 1991 एवं 1993 में ज्योत्सना इस सीट से चुनाव जीतीं जबकि 1996 और 2002 में हरीश जी भाजपा के टिकट पर यहां से विधायक चुने गए। ज्योत्सना 2007 और 2012 में फिर यहां से विधायक बनीं। हालांकि 2017 के चुनाव के लिए इस सीट पर भाजपा के ही कई दावेदार हो गए हैं। पार्टी अंतर्कलह और गुटबाजी से बचने के लिए भी स्मृति को इस सीट से आजमाने का मन बना रही है।