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Bharat Jodo Yatra: क्या कांग्रेस छोड़ चुके नेताओं की होगी पार्टी में वापसी? रूठों को मनाने की हो रही कवायद!

सार

Bharat Jodo Yatra: कांग्रेस नेताओं के मुताबिक भारत जोड़ो यात्रा जिस मकसद से शुरू की गई थी, उस मकसद को देश के प्रत्येक वर्ग ने न सिर्फ सराहा है, बल्कि विपक्षी दलों ने और राजनैतिक विचारधारा में मतभेद रखने वालों ने भी यात्रा की प्रशंसा की है...
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Bharat Jodo Yatra- Rahul Gandhi - फोटो : Agency
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विस्तार
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बीते कुछ समय में कांग्रेस (Congress) के बड़े-बड़े कद्दावर नेता पार्टी से दामन छुड़ा कर अलग हो गए। पार्टी के मुताबिक यह नेता कांग्रेस से उस वक्त अलग हुए जब कांग्रेस के नेताओं को पार्टी को मजबूत करने की जरुरत थी। अब सियासी गलियारों में चर्चा इस बात की हो रही कांग्रेस पार्टी से रूठ कर गए सभी नेता संभव हैं, पार्टी में वापस आ जाएं। हालांकि इसके लिए पार्टी की ओर से फिलहाल अभी कोई प्रयास तो नहीं किए जा रहे हैं। लेकिन चर्चाएं यही हैं कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) की समाप्ति के बाद ऐसे प्रयास होंगे, जो रूठे हुए नेताओं को न सिर्फ पार्टी में शामिल करेंगे, बल्कि उनको अहम जिम्मेदारियां देकर कांग्रेस को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

समाज के हर वर्ग ने की यात्रा की प्रशंसा

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से कांग्रेस पार्टी उत्साहित है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय पदाधिकारी कहते हैं कि जिस तरीके का जुड़ाव और समर्थन लोगों का भारत जोड़ो यात्रा में मिला है, वह उम्मीद से बहुत ज्यादा है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक भारत जोड़ो यात्रा जिस मकसद से शुरू की गई थी, उस मकसद को देश के प्रत्येक वर्ग ने न सिर्फ सराहा है, बल्कि विपक्षी दलों ने और राजनैतिक विचारधारा में मतभेद रखने वालों ने भी यात्रा की प्रशंसा की है। पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता बताते हैं कि जो माहौल इस वक्त बना हुआ है वह अब लगातार बना रहेगा। उनका कहना है कि 30 तारीख को समाप्त होने वाली भारत जोड़ो यात्रा के बाद प्रत्येक स्तर पर पार्टी को मजबूत करने और संगठनात्मक ढांचे को दुरुस्त कर देश हित में पार्टी हर मोर्चे पर लड़ने को तैयार है।

कांग्रेस पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता बताते हैं कि भारत जोड़ो यात्रा के साथ पार्टी के भीतर जो थोड़े बहुत नेताओं में मतभेद थे, वह भी पूरी तरह से समाप्त हो चुके हैं। वह कहते हैं कि जिस तरीके से पार्टी में नाराज नेताओं के जी-23 ग्रुप के सदस्यों से बात करके उनकी समस्याओं का समाधान किया गया। वह कहते हैं कि ग्रुप से जुड़े ज्यादातर नेता नाराजगी तो दूर की बात है, बल्कि कांग्रेस की प्रत्येक रणनीति और सहयोग में सबसे आगे खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस के उक्त नेता का कहना है कि भारत जोड़ो यात्रा जैसे आंदोलन से पहले सभी नेताओं में आपस में अंदरूनी तौर पर भले ही मनमुटाव हो, लेकिन पार्टी के आंदोलन को जिस तरीके से आगे लेकर गए उससे पार्टी न सिर्फ मजबूत हुई है, बल्कि दूसरे दलों में गए कांग्रेस के नाराज नेताओं से बातचीत का दरवाजा खुल गया है। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अगर कोई नेता कुछ कारणों से उनसे दूर हो गया है, तो बातचीत के दरवाजे सभी के लिए हमेशा खुले ही रखने चाहिए। वह कहते हैं कि बातचीत के जरिए अगर गिले-शिकवे दूर हो सकें, और कोई भी नेता कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ना चाहे, भले ही वह पार्टी छोड़कर चला गया हो तो उसका हमेशा स्वागत ही होगा।

चर्चा के बाद शुरू होगी कवायद

पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दरअसल बीते कुछ दिनों में इस बात की कुछ नेताओं के बीच में चर्चा जरूर हुई है कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, उनसे एक बार दोबारा बातचीत कर संपर्क करने की कोशिश की जाए। कांग्रेस पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता बताते हैं कि कांग्रेस को जिस तरीके से भारत जोड़ो यात्रा के दौरान समर्थन मिला है, उससे पार्टी उत्साहित है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि जो कांग्रेसी पार्टी छोड़कर चले गए हैं, अगर उन्हें दोबारा जोड़ लिया जाए, तो पार्टी को अलग-अलग राज्यों में और ज्यादा मजबूती मिल सकेगी। हालांकि इसको लेकर पार्टी में अभी एक राय नहीं है कि ऐसी पहल की जानी चाहिए या नहीं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि ऐसा कोई भी फैसला पार्टी आलाकमान और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करके ही लिया जाएगा।

दरअसल कांग्रेस पार्टी ने जिस तरीके से भारत जोड़ो यात्रा के दौरान अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं को बुलाकर अपने साथ जोड़ने की कवायद शुरू की है, वह यह इशारा करती है कि कांग्रेस पार्टी अब हर तरीके से सब को एक साथ लेकर चलने की तैयारी कर रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने 30 जनवरी को समाप्त होने वाली भारत जोड़ो यात्रा वाले दिन एक बार फिर से देश की समान विचारधारा वाली राजनीतिक पार्टियों को श्रीनगर में आमंत्रित किया है। राजनीतिक विश्लेषक हरिओम तोमर कहते हैं कि एक बात तो बिल्कुल स्पष्ट है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के साथ पार्टी के नेताओं का नजरिया भी विस्तृत हुआ है। तोमर कहते हैं अगर इसी विजन के साथ कांग्रेस पार्टी आगे बढ़ रही है, तो इसमें भी कोई शक नहीं है कि वह अपनी पार्टी के नाराज नेताओं से संपर्क कर उनको अपने साथ दोबारा भी जोड़ सकती है।

30 जनवरी के बाद बड़ी तैयारी

हरिओम तोमर कहते हैं अभी भी कांग्रेस में बहुत से ऐसे नेता जुड़े हुए हैं, जो कांग्रेस पार्टी छोड़कर गए बड़े नेताओं से संपर्क में हैं। वह कहते हैं कि इनमें से कई नेता तो ऐसे हैं जो पार्टी के नाराज जी23 से जुड़े हुए नेता थे। उनमें से कई नेता पार्टी छोड़ कर चले गए, कई नेता अभी भी पार्टी में हैं। जो नेता पार्टी में हैं वह अब अपनी सारी नाराजगी को दूर करके पार्टी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। पार्टी ने भी इन नेताओं का सम्मान करते हुए उनको बड़ी जिम्मेदारियां दीं और उसका निर्वहन भी ऐसे नेताओं ने अच्छे से किया है। ऐसे में अगर पार्टी के भीतर से कोई पहल छोड़ कर जाने वाले नेताओं को जोड़ने की उठती है, तो यह पार्टी के लिहाज से बेहतर ही होगा। कांग्रेस से जुड़े एक वरिष्ठ नेता बताते हैं की 30 जनवरी के बाद पार्टी बहुत बड़े स्तर पर और भी कई तैयारियां कर रही हैं। उनका कहना है कि संभव है जो नेता पार्टी से नाराज होकर गए हैं, वे दोबारा पार्टी में शामिल होकर उनके साथ अगली यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलते दिखें।

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