कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' दिल्ली में प्रवेश कर चुकी है। इस दौरान उन्होंने लाल किले से कार्यकर्ताओं-लोगों को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र सरकार को महंगाई और गरीबी के मुद्दे पर घेरा। इस दौरान उन्होंने दिल्ली की कड़कड़ाती ठंड के बीच टी-शर्ट पहनकर पैदल मार्च करने के सवालों का भी जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि मीडिया वाले मुझसे पूछ रहे थे कि मुझे ठंड नहीं लगती क्या? मेरा कहना है कि ये हिंदुस्तान के किसान से क्यों नहीं पूछते? मजदूर से क्यों नहीं पूछते? हिंदुस्तान के गरीब बच्चों से क्यों नहीं पूछते? फिर ये भी कहते हैं कि देखो ये 2800 किलोमीटर पैदल चल लिया। तो मेरा कहना है कि ये कोई बड़ी बात नहीं है। पूरा हिंदुस्तान चलता है, जिंदगीभर चलता है। किसान-मजदूर चलते हैं। हमने कोई बड़ा काम नहीं किया है। किसान जिंदगी में शायद 10 हजार, 15 हजार, 20 हजार किलोमीटर चल लेता है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि पूरा देश जानता है कि ये नरेंद्र मोदी की सरकार नहीं, कुछ उद्योगपतियों की सरकार है। मैं 2,800 किमी चला, मुझे कहीं भी नफरत या हिंसा नहीं दिखी मगर मैं जब भी न्यूज चैनल खोलता हूं तो हमेशा नफरत-हिंसा दिखाई देती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि ये आपका ध्यान इधर से उधर लेकर जाना चाहते हैं। जो सच्चे मुद्दे हैं उस पर आपका ध्यान गलती से भी नहीं चला जाए।
उन्होंने कहा कि अगर इस देश को कोई रोजगार दे सकता है तो वो किसान और छोटे व्यापारी दे सकते हैं क्योंकि ये देश में लाखों हैं। ये लोग 24 घंटे लगे रहते हैं। इनके लिए बैंक के दरवाजे बंद रहते हैं। हिंदुस्तान के 2-3 अरबपतियों को 1 लाख करोड़, 2 लाख करोड़, 3 लाख करोड़ आसानी से दे दिया जाता है मगर ये (किसान और छोटे व्यापारी) बैंक के सामने जाते हैं, तो इनको धकेलकर निकला दिया जाता है।