भारत बायोटेक कंपनी के चेयरमैन व एमडी डॉ. कृष्णा ईला ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वैक्सीन ट्रायल की सभी तैयारी हो चुकी हैं। दो चरणों का ट्रायल एकसाथ होगा। इसमें उन्हीं लोगों को शामिल किया जाएगा जो कि पूरी तरह से कोविड फ्री होंगे। इसमें बच्चे, 65 से अधिक आयु या गर्भवती महिलाओं को शामिल नहीं किया जाएगा। वैक्सीन देने के बाद यह देखा जाएगा कि उक्त व्यक्ति में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बने या नहीं।
डेटलाइन के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसे लेकर सरकार ज्यादा बेहतर तरीके से स्पष्ट कर सकती है। वे वैक्सीन के परीक्षण पर जानकारी दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन परीक्षण को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो दिशा निर्देश हैं उन्हीं के तहत परीक्षण किया जा रहा है। यह सामान्य प्रक्रिया है। जानवरों में परीक्षण के दौरान इम्यून सिस्टम के सफल परिणाम मिले हैं। इसलिए अब इंसानों पर इसका परीक्षण किया जाएगा।
हमारे पास चिकनगुनिया, जीका वायरस इत्यादि की वैक्सीन बनाने का अनुभव है। जिसका बखूबी इस्तेमाल कोरोना काल में किया जा रहा है। एनआईवी पुणे का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने बताया कि माइक्रोग्राम और इलेक्ट्रोग्राम इत्यादि का परीक्षण एनआईवी के वैज्ञानिकों ने किया है। पहले चरण में वैक्सीन के सुरक्षात्मक परिणाम और दूसरे में इसके प्रभावों का पता लगाया जाएगा। तीसरे चरण में दो समूह पर परीक्षण होगा जिनमें से एक प्लेसबो (डुप्लीकेट) दिया जाएगा और दूसरे को वैक्सीन।