कोरोना वायरस को लेकर भारत में ही तैयार वैक्सीन की कीमत सबसे अधिक होने पर हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी ने सफाई दी है। मंगलवार को कंपनी ने कहा कि वह सरकार को लंबे समय तक 150 रुपये प्रति खुराक की कीमत पर उपलब्ध नहीं करा सकते हैं।
एक खुराक बनाने में खर्च काफी अधिक आ रहा है जिसे लंबे समय तक लागत से भी कम शुल्क पर सरकार को उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। कंपनी ने कहा कि केंद्र सरकार के आपूर्ति शुल्क की वजह से भी निजी क्षेत्र में कीमत के ढांचे में बदलाव हो रहा है, इसमें वृद्धि हो रही है। प्राइवेट अस्पतालों के जरिए कंपनी को थोड़ा बहुत लाभ मिल पा रहा है।
भारत में निजी क्षेत्र के लिए उपलब्ध अन्य कोविड रोधी वैक्सीन की तुलना में कोवाक्सिन के लिए अधिक दर को उचित बताते हुए भारत बायोटेक ने कहा कि कम मात्रा में खरीद, वितरण में आने वाली अधिक लागत और खुदरा मुनाफे आदि इसके कई सारे बुनियादी कारोबारी कारण हैं।
भारत बायोटेक कंपनी ने कहा कि भारत सरकार कोवाक्सिन टीके 150 रुपये प्रति खुराक की आपूर्ति कीमत गैर-प्रतिस्पर्धी कीमत है और यह स्पष्ट रूप से लंबे समय तक वहनीय नहीं है। भारत बायोटेक ने एक बयान में कहा कि लागत निकालने के लिए निजी बाजार में अधिक कीमत रखना जरूरी है।
उसने बताया कि भारत बायोटेक टीके के विकास, क्लिनिकल ट्रायल तथा कोवैक्सीन के लिए निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर चुकी है।