सूरत के फाइनेंसर किशोर भजियावाला काले धन को सफेद करने के लिए करीब 700 लोगों का इस्तेमाल कर रहा था। अपने काम को अंजाम देने के लिए वह डमी बैंक अकाउंट की मदद ले रहा था। भजियावाला वही आदमी है जिसके पास से आयकर विभाग को छापे के दौरान 10.45 करोड़ की अघोषित रकम मिली है।
अंग्रेजी अखबार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, आईटी विभाग के सूत्रों का कहना है कि भजियावाला के पास 27 बैंक खाते हैं, जिनमें से करीब 20 बेनामी हैं। इन बेनामी खातों की मदद से उसने बड़ी मात्रा में अवैध धन को वैध किया। अब आयकर विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि 8 नवंबर के बाद से भजियावाला ने कितने पैसे निकाले और कितने जमा किए।
भजियावाला के पास मिला था बड़ी मात्रा में सोना
सोना
आयकर विभाग को भजियावाला के पास से 10.48 करोड़ कैश (सभी नए नोट), करीब 1.45 करोड़ रुपये का सोना, 4,92,96,314 रुपए मूल्य की गोल्ड ज्वैलरी, 1,39,34,580 रुपए की डायमंड ज्वैलरी और लाखों रुपए के कीमती धातुओं के बिस्कुट मिले हैं।
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि भजियावाला ने अपने प्रोक्सी खातों में 12, 13 और 14 नवंबर को क्रमशः एक लाख, दो लाख और चार लाख रुपए जमा किए। करीब 212 लोगों को पुराने नोटों को नए नोटों में बदलने के लिए लगाया गया था। बताया गया है कि सूरत पीपलस् को-ऑपरेटिव बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक पंकज भट्ट भी कुछ लेनदेन में शामिल रहे। सीबीआई अभी कुछ और बैंक खातों की जांच कर रही है जिनसे काले धन को सफेद किया गया।