पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार के एक साल पूरा करने पर लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरने का दावा किया है। एक साल कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर एक प्रेस कांफ्रेंस करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनके शासन में पंजाब में स्वास्थ्य सुविधाएं सुधरी हैं और लोगों को चुनाव के दौरान किए गए अनेक वादे पूरे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, भाजपा ने दावा किया हैे कि भगवंत मान सरकार पंजाब में खालिस्तानी आतंकवाद को जानबूझकर बढ़ावा दे रही है जिससे राज्य में एक बार फिर नब्बे के दशक जैसे खतरनाक दौर की वापसी हो गई है।
भगवंत मान ने दावा किया कि जनता ने एक साल पहले आम आदमी पार्टी को शानदार बहुमत देकर उसके प्रति अपनी उम्मीदें जाहिर की थीं। आम आदमी पार्टी सरकार अब उन उम्मीदों को पूरा करने का काम कर रही है। इस एक साल में पंजाब के 87 प्रतिशत लोगों के घरों का बिजली बिल शून्य कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 16 नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं और जगह-जगह पर मोहल्ला क्लीनिक खोले जा रहे हैं जिनमें आम आदमी को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।
मान ने कहा कि उन्हें 70 सालों में की गई गलतियों को सुधार करना है। उन्होंने कहा कि हमने कई क्षेत्रों में भ्रष्टाचार को समाप्त कर दिया है। कई मंत्रियों को भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमने इस एक साल में हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। आने वाले दिनों में यह काम जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बाकी योजनाओं को भी समय रहते पूरा किया जाएगा।
भाजपा ने लगाया खालिस्तान को बढ़ावा देने का आरोप
भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने अमर उजाला से कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल विज्ञापनों के नीचे अपनी नाकामियों को छिपाने का काम करते हैं, पंजाब में वही काम भगवंत मान कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान की सरकार में पंजाब 30 साल पीछे पहुंच चुका है। सरकार खालिस्तानी अलगाववाद की तरफ जानबूझकर आंख बंद करके बैठी है जिससे पंजाब में एक बार फिर आतंकवाद के दौर की वापसी होती दिख रही है।
उन्होंने कहा कि आज पंजाब की जेलों में बैठकर भी अपराधी लोगों की हत्याएं करवा रहे हैं और सरकार उन पर नकेल कसने में नाकाम साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशा अपने चरम पर पहुंच चुका है और युवा नशे की चपेट में आकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। लेकिन सरकार इस पर अंकुश लगा पाने में असफल साबित हुई है।
सात लाख का कर्ज होगा
सिरसा ने कहा कि भगवंत मान बिजली मुफ्त करने का ढिंढोरा पीट रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि पिछली सरकार भी 200 यूनिट बिजली फ्री देती थी और 400 यूनिट तक आधा मूल्य लिया जाता था। नई सरकार में अब इसे बढ़ाकर 300 यूनिट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस छूट को देने के लिए सरकार को एक लाख करोड़ रूपये का कर्ज लेना पड़ा है। इस हिसाब से सरकार अपना कार्यकाल पूरा करते-करते सात लाख करोड़ रूपये का कर्ज ले चुकी होगी जिसे चुका पाना असंभव हो जाएगा।