अपने हरफनमौला अंदाज के लिए मशहूर आम आदमी सांसद भगवंत मान ने सोमवार को संसद में एक बार फिर अपने अंदाज में शेर पढ़ा। उनका शेर सुनने के बाद सांसदों ने कहा वाह! मजा आ गया। भगवंत मान ने पीठसीन मीनाक्षी लेखी से शेर पढ़ने के लिए इजाजत की गुहार लगाई और फिर शेर पढ़ना शुरू किया। उन्होने कहा...
इतने लंबे सफर को मीलों में बांटिए, कौम को कबीलों में बांटिए
एक बहता दरिया है मेरा भारत, इसे नदियों और झीलों में मत बांटिए।
उनका शेर सुनने के बाद सांसदों ने भगवंत मान की तारिफ की। मान ने नागरिकता संशोधन बिल पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अंग्रेज पंजाब से हमारे कुछ पूर्वजों को उत्तर-पूर्वी राज्यों में ले गए थे। जो अब वहां शरणार्थी हैं। सदन मुझे जवाब दे कि अब उनका क्या होगा?