केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत की गिरफ्तारी वारंट पर बीजेपी सांसद सुब्रमणमयम स्वामी ने नीतीश कुमार पर सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल किया है कि बिहार पुलिस आखिर क्या कर रही है? स्वामी ने कहा है कि नीतीश कुमार से यह पूछा जाना चाहिए कि यह क्या हो रहा है। आखिर पुलिस क्या कर रही है? पुलिस के पास वारंट है तो उन्हें आगे जाकर उसे पकड़ लेना चाहिए।
बता दें कि
भागलपुर में दंगा भड़काने का आरोप केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत पर लगा है। उनपर आरोप है कि उन्होंने भाजपा, आरएसएस और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की बाइक रैली में दंगा भड़काया था। इस रैली का आयोजन हिंदू नववर्ष के उपलक्ष्य में नववर्ष जागरण समिति द्वारा किया गया था।
वहीं इस मामले पर अश्विनी चौबे का कहना है कि यह वारंट गलत है। उनका कहना है कि मेरा बेटा बिल्कुल सही है और उसने कोई गलत काम नहीं किया है। शाश्वत पर 17 मार्च को बिना अनुमति रैली निकालने और उकसाने वाले नारे लगाने का आरोप है। उनका जुलूस सांप्रदायिक हिंसा का कारण बना था। अश्विनी चौबे का कहना है कि उनके बेटे की कोई गलती नहीं है और उनके अनुसार ये पुलिस एफआईआर भी झूठी है। उनका कहना है कि जब मेरे बेटे ने कोई गलत काम किया ही नहीं है तो वह सरेंडर क्यों करेगा। उनके अनुसार उनका बेटा 25 तारीख को राम नवमी के अवसर पर अपने गांव भी आया था और उसने आरती भी की थी।
वहीं
अर्जित की तरफ से भी बयान आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्हें नामजद आरोपी क्यों बनाया गया है। क्या भारत माता की जयकार करना या वंदे मातरम करना गुनाह है?
उनका कहना है कि मैं न्यायालय की शरण में हूं। भागते वो हैं, खोजना उनको पड़ता है जो कहीं गायब हो गए हों, मैं समाज के बीच में हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं सरेंडर क्यों करूं? कोर्ट वारंट जारी करता है पर कोर्ट शरण भी देता है। अगर आप एक बार कोर्ट पहुंच जाएं तो आपको वहीं करना पड़ता है जो कोर्ट तय करता है।