बंगलूरू में एक घर में आग लगने से 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
घटना कहां हुई?
पुलिस ने बताया कि मृतक महिला की पहचान सविता के रूप में हुई है। उनके पति रमेश बाबू (जो एक ठेकेदार हैं), उनका बेटा विश्रुत और उनकी सास चन्नमा इस हादसे में सुरक्षित घर से बाहर निकल गए। घटना सोमवार की रात करीब साढ़े नौ बजे से 10 बजे के बीच बंगलूरू के राजाजीनगर इलाके में तीन मंजिला इमारत में हुई।
तीसरी मंजिल पर रहता था परिवार
उन्होंने बताया कि बाबू की ओर से दी गई शिकायत में बताया गया है कि इमारत के भूतल और पहली मंजिल को किराये पर दिया गया था, जबकि परिवार तीसरी मंजिल पर बने डुप्लेक्स में रहता था।
आग लगने का पता कैसे चला?
घटना की रात बाबू और उनकी मांग डुप्लेक्स के निचले हिस्से में टीवी देख रहे थे। वहीं, विश्रुत ऊपरी हिस्से के दो कमरों में से एक में था। उसे सामने वाले कमरे से जलने की गंध आई और जांच करने पर उसे पता चला कि आग लगी हुई है।
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पुलिस ने क्या बताया?
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि विश्रुत ने तुरंत अपने पिता और दादी को इसकी जानकी दी और उन्हें घर से बाहर भेज दिया। उस समय बाबू की पत्नी ऊपरी हिस्से में थीं। इससे पहले कि वह नीचे आ पातीं, आग तेजी से फैल गई और वह ऊपर ही फंस गईं। विश्रुत किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आया।
महिला की अस्पताल में मौत
इसके बाद दमकल और आपातकालीन सेवा के कर्मी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया गया। इसके बाद सविता को बेहोशी की हालत में नीचे लाया गया और मल्लेश्वरम स्थित मनिपल अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधिकारी ने बताया, शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि आग से निकलने वाले धुएं के कारण दम घुटने से उनकी मौत हुई होगी। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने की सही वजह का अभी पता लगाया जा रहा है। इसको लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।