बंगलुरू में मंगलवार रात जो हिंसा हुई वो कोई मामूली हिंसा या झड़प नहीं थी, ये शहर के युवाओं के लिए भी नया था। सोशल मीडिया पर एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट के बाद भीड़ ने पुलिस थाने में तोड़फोड़ और आगजनी कर दी। मंगलवार की रात भीड़ शहर के केजी हल्ली और डीजे हल्ली में हिंसा फैली।
कांग्रेस पार्टी के विधायक श्रीनिवासमूर्ति के भतीजे नवीन की पोस्ट के बाद शहर में हिंसा प्रदर्शन हुआ। भीड़ ने वाहनों में आग लगाई और श्रीनिवासमूर्ति और उनके भतीजे नवीन के घर पर पत्थर बाजी की। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और 105 लोग घायल हो गए हैं, जिसमें 70 पुलिस वाले और 35 नागरिक शामिल हैं।
बंगलुरू में ये हादसा मंगलवार की शाम सात बजे से कांग्रेस के विधायक श्रीनिवासमूर्ति के घर के बाहर पत्थरबाजी करने से शुरू हुआ और धीरे-धीरे हिंसा का रूप लेते हुए देर रात दो बजे तक चला। आइए सिलसिलेवार समझते हैं कि बंगलुरू में जरा सी तोड़फोड़ ने कैसे गंभीर हिंसा का रूप ले लिया....
- शाम 7.00 बजे - कांग्रेस नेता श्रीनिवासमू्र्ति के घर के बाहर छोटे ग्रुप में लोग इकट्ठे हुए। ये भीड़ विधायक से मिलने के लिए वहां रूकी थी लेकिन विधायक के वहां ना होने पर उनके कार्यालय के बाहर जाकर खड़े हो गए।
- शामल 7.30 बजे - घर के बाहर भीड़ बढ़ गई, कुछ लोग शिकायत दर्ज कराने केजी हल्ली पुलिस स्टेशन गए, हालांकि ये मामला साइबर क्राइम के तहत आता, इसलिए पुलिस ने शिकायतकर्ता को इंतजार करने के लिए कहा।
- रात 8.00 बजे - भीड़ ने श्रीनिवासमूर्ति के घर पर पत्थर मारना शुरू किया।
- रात 8.30 बजे - 10 लाठी लिए पुलिस वाले आए लेकिन भीड़ को नियंत्रण नहीं कर पाए।
- रात 9.00 बजे - वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, डीएसपी एसडी शरणअप्पा मौके पर पहुंचे और भीड़ से बात की। भीड़ सड़क पर बैठ रही, डीएसपी ने श्रीनिवासमूर्ति से भी बात की।
- रात 9.30 बजे - जो लोग केजी हल्ली पुलिस स्टेशन पर इंतजार कर रहे थे, वो थक हारकर वहां से निकल गए। जल्द ही कांग्रेस विधायक के घर पर धरना देने वाले लोग पुलिस स्टेशन पहुंचे और वहां धरना देने लगे।
- रात 10.00 बजे - केजी हल्ली पुलिस स्टेशन पर भीड़ बढ़ी और वो नवीन की गिरफ्तारी की मांग करने लगी। डीसीपी के साथ एक टीम नवीन के घर गई लेकिन वहां नवीन मौजूद नहीं थे।
- रात 10.30 बजे - भीड़ दो गुटों में बंट गई और निवासमूर्ति और नवीन के घर पत्थरबाजी होने लगी।
- रात 10.45 बजे - भीड़ का लगा नवीन केजी हल्ली पुलिस स्टेशन में छिपा है, इसलिए भीड़ ने अंदर जाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने रोका, जिसके बाद भीड़ ने वाहनों में आग लगा दी।
- रात 11.00 बजे - नवीन को डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन में हिरासत में ले लिया। जैसे ही नवीन पुलिस स्टेशन पहुंचा, भीड़ ने पत्थर मारने शुरू कर दिए, जिसमें तीन काउंस्टेबल घायल हो गए।
- रात 11.10 बजे - केजी हल्ली पुलिस स्टेशन पहली अग्निशमन गाड़ी पहुंचा।
- रात 11.15 बजे - दूसरी अग्निशमन गाड़ी पहुंची, पुलिस कमिश्नर कमल पंत और अतिरिक्त कमिश्नर टैनरी रोड पहुंचे।
- रात 11.30 बजे - कमल पंत और उनके स्टाफ के केजी हल्ली पुलिस स्टेशन पहुंचने पर हमला हुआ, जिसके बाद गोलीबारी के आदेश दे दिए।
- रात 12.00 बजे - केजी हल्ली में हो रही फायरिंग में एक शख्स की मौत हो गई।
- देर रात 12.30 बजे - फायरिंग जारी रही, इसमें तीन लोगों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद दो लोगों की मौत हो गई।
- देर रात 1.00 बजे - पुलिस ने भीड़ पर नियंत्रण पाया, सड़कों पर बैरिकेड लगा दिए गए और डीजे हल्ली और केजी हल्ली तक की सड़क ब्लॉक कर दी।
- देर रात 1.30 बजे - कमल पंत और उनकी टीम केजी हल्ली और डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन पर पहुंचे।
- देर रात 2.00 बजे - केजी हल्ली और डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन पर कर्नाटक राज्य रिजर्व बल लगा दिया गया।