बंगलूरू में एक निर्माणाधीन इमारत में हुए धमाके में दो लोग घायल हो गए। आशंका है कि यह धमाका बैटरी फटने की वजह से हुआ। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने बताया कि धमाके के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने से पहले कोई कयास न लगाएं। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अभी मामले की जांच चल रही है। शुरुआती जांच शुरू हो गई है और नमूनों को टेस्टिंग के लिए लैब भेजा जाना है। यह धमाका पुलकेशीनगर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली जार्मिया रोड पर एक इमारत की चौथी मंजिल पर हुआ, जहां उस समय निर्माण कार्य चल रहा था। धमाके के बाद वहां आग लग गई, जिसके बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।
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गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने क्या बताया?
घायलों में नेपाल का एक सुरक्षा गार्ड और एक निर्माण मजदूर शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए बोवरिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खरगे ने बताया कि एक व्यक्ति की उंगली कट गई है, जबकि दूसरे को मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने कहा, 'अभी मैं बस इतना ही बता सकता हूं कि एक धमाका हुआ है।' उन्होंने आगे बताया कि जांचकर्ता मौके पर मौजूद सबूतों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि जांच के नतीजे आने से पहले किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
इसमें किसी विस्फोटक उपकरण के इस्तेमाल वाले सवाल पर खरगे ने कहा कि अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन प्रशासन ने खुद ही इस मामले को संज्ञान में लिया है। उन्होंने कहा, 'चाहे यह कोई केमिकल रिएक्शन हो, या इसमें कोई आईईडी (विस्फोटक उपकरण) शामिल हो या कुछ और हो, हम इसकी जांच कर रहे हैं। कोई कुछ भी कहे, मैं बस उसे दोहराता नहीं रह सकता।' पास की एक इमारत में रहने वाले एक चश्मदीद ने बताया कि धमाके की आवाज बहुत तेज थी। एक पल के लिए तो मुझे लगा कि दिवाली आ गई है। उन्होंने बताया कि धमाके की वजह से उनके घर के अंदर भी कंपन महसूस हुआ।
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पुलिस हर पहलुओं से कर रही जांच
बंगलूरू के डीसीपी (ईस्ट डिवीजन) विक्रम आमटे ने घटनास्थल का दौरा किया। पुलकेशीनगर पुलिस ने धमाके के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। बम स्क्वॉड, आतंकवाद-रोधी दस्ते (एटीएस) और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने भी घटनास्थल और उस वस्तु की जांच की, जिसके फटने का संदेह है। पुलिस को शक है कि बैटरी जैसी कोई चीज फटी हो सकती है, लेकिन असल कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस घटना का संबंध बेंगलुरु में पहले हुए विस्फोटों से है, जिनमें विस्फोटक सामग्री बनाने से जुड़ी घटनाएं भी शामिल हैं। इस घटना ने सबका ध्यान इसलिए भी खींचा है क्योंकि यह दशहरा के त्योहार के दौरान हुई है।