चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़
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सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कर्नाटक राज्य क्रिकेट बोर्ड के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों पर लापरवाही के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 106 के तहत मामला दर्ज करने के लिए कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। आम आदमी पार्टी कर्नाटक के युवा प्रदेश अध्यक्ष लोहित हनुमानपुरा ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें भगदड़ की घटना के संबंध में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ और एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के सीईओ के खिलाफ एफआईआर की मांग की गई है।
मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है तो दूसरी तरफ कांग्रेस सरकार मे मंत्री और उसके नेता आयोजन को राज्य क्रिकेट बोर्ड का इवेंट बता रहे हैं।
इस बीच भगदड़ पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, 'यह बहुत दर्दनाक और दुखद घटना है। मृतकों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। कर्नाटक सरकार ने मुआवजा भी दिया है। ये कार्यक्रम कर्नाटक क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का था। जितनी मेरी जानकारी है कि आरसीबी में बहुत बड़ा हिस्सा एक विदेशी कंपनी की है, उन्होंने करीब 400 करोड़ रुपये से अधिक कमाए हैं अगर वे यह पैसा 11 मृतकों को 2-2 करोड़ भी दे तो 22 करोड़ रुपए हुए और घायलों को 25-50 लाख दे सकते हैं। विकलांगों को और अधिक दिया जा सकता है। मैं उचित जांच चाहता हूं ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो।'
क्या है मामला?
इससे पहले बंगलूरू में बीते दिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की 18 साल में पहली बार आईपीएल चैंपियनशिप जीत के जश्न का मौका था। खिताब जीतने के बाद टीम बुधवार को सम्मान समारोह के लिए बंगलूरू पहुंची। उनके लिए रेड कार्पेट बिछाया गया था। क्रिकेट प्रेमी अपने नायकों की एक झलक पाने के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम में लाखों की संख्या में पहुंचे थे। हालांकि, आखिरी समय में किए गए बदलावों और क्रिकेट प्रशंसकों के कम आंकलन के कारण जश्न भयावह हो गया, जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। इसमें 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।