बंगलूरू में भगदड़ पर विधानसभा में चर्चा का जवाब देते हुए सीएम सिद्धारमैया ने भगदड़ की घटनाओं की सूची पढ़ी। सिद्धारमैया ने कहा कि मेरे 42 साल के राजनीतिक जीवन में ऐसी घटना कभी नहीं हुई। मैंने कभी भगदड़ में 11 लोगों को मरते नहीं देखा।
बंगलूरू भगदड़ मामले को लेकर लगातार विपक्ष के हमलों का सामना कर रहे कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने महाकुंभ भगदड़ को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में भगदड़ के बाद क्या योगी आदित्यनाथ ने इस्तीफा दे दिया? भाजपा शासित राज्यों में 20 भगदड़ की घटनाएं हुईं। विधानसभा में उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में हुई भगदड़ की घटनाओं की सूची पेश की। साथ ही चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ के लिए सामूहिक उन्माद को जिम्मेदार ठहराया।
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बंगलूरू में भगदड़ पर विधानसभा में चर्चा का जवाब देते हुए सीएम सिद्धारमैया ने भगदड़ की घटनाओं की सूची पढ़ी। इसमें तीन अगस्त 2008 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नैना देवी मंदिर में हुई भगदड़ का जिक्र किया गया। तब प्रेम सिंह धूमल मुख्यमंत्री थे। इसके बाद 2008 में जोधपुर में हुई भगदड़ में 250 लोग मारे गए थे।
सिद्धारमैया ने जिन भगदड़ की घटनाओं का जिक्र किया उनमें 2013 में रतनगढ़, 2021 में हरिद्वार, 2023 में मध्य प्रदेश के सीहोर और 2024 में उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई भगदड़ शामिल है। उन्होंने जनवरी में कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज में हुई भगदड़ का भी जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने 2022 में गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे का भी जिक्र किया।
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सिद्धारमैया ने सवाल किया कि प्रयागराज में कुंभ मेले में हुई भगदड़ के बाद क्या योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया? इस भगदड़ में 39 लोग मारे गए थे। मेरे 42 साल के राजनीतिक जीवन में ऐसी घटना कभी नहीं हुई। मैंने कभी भगदड़ में 11 लोगों को मरते नहीं देखा। मुझे दुख है। मैंने उसी दिन अपना दुख व्यक्त किया था।
उन्होंने कहा कि आईपीएल मैच में आरसीबी की जीत को लोगों ने बंगलूरु का गौरव समझा। भगदड़ के पीछे इसी से पैदा हुआ जन उन्माद ही था। लोकतंत्र में हमें कभी-कभी लोगों की उम्मीदों के आगे झुकना पड़ता है। यही लोकतंत्र की निशानी है।