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कर्नाटक: वकील राकेश किशोर के खिलाफ दर्ज हुई जीरो एफआईआर, सीजेआई गवई पर जूता फेंकने का किया था प्रयास

Wed, 08 Oct 2025 09:30 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

बंगलूरू पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के निलंबित अधिवक्ता राकेश किशोर के खिलाफ बीएनएस की धारा 132 और 133 के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की है। वकील पर सीजेआई पर जूता फेंकने की कोशिश का आरोप है।
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वकील राकेश किशोर और सीजेआई गवई - फोटो : ANI
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विस्तार
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बंगलूरू पुलिस ने बुधवार को वकील राकेश किशोर के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की। राकेश किशोर ने सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की ओर उनके न्यायालय कक्ष में कथित तौर पर जूता फेंकने का प्रयास किया था। बंगलूरू पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के निलंबित अधिवक्ता राकेश किशोर के खिलाफ बीएनएस की धारा 132 और 133 के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई ऑल इंडिया एडवोकेट्स एसोसिएशन बंगलूरू की शिकायत पर की गई है।

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि अखिल भारतीय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष भक्तवचला की शिकायत पर राकेश किशोर के खिलाफ बीएनएस की धारा 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और धारा 133 (गंभीर उकसावे के अलावा किसी अन्य कारण से किसी व्यक्ति का अपमान करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

अधिवक्ता संघ ने विधान सौधा पुलिस थाने के प्रभारी को सौंपी गई शिकायत में कहा, राकेश किशोर का कृत्य समाज के किसी भी वर्ग द्वारा क्षम्य और स्वीकार्य नहीं है। उनका कृत्य दंडनीय है... यह एक गंभीर घटना है जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए और दोषी को कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए।  
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जीरो एफआईआर क्या होती है?
अपराध होने की स्थिति में किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई जाने वाली शिकायत जीरो एफआईआर कही जाती है। जीरो एफआईआर सामान्य एफआईआर की तरह ही होती है। 

क्या है मामला
सोमवार को 71 वर्षीय एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश गवई की ओर कथित तौर पर जूता उछालने की कोशिश की थी। घटना के बाद प्रधान न्यायाधीश ने संयम बनाए रखा और अदालत कक्ष में मौजूद वकीलों से अपनी दलीलें जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा,  इन सब बातों से विचलित मत होइए। हम विचलित नहीं हैं। इन बातों का मुझ पर कोई असर नहीं पड़ता। जिसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने तत्काल प्रभाव से वकील का लाइसेंस निलंबित कर दिया था।


वकील ने राकेश किशोर के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने की अनुमति मांगी
सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी के समक्ष एक आवेदन दायर कर वकील राकेश किशोर के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने की अनुमति मांगी है।  एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड(एओआर) सुभाष चंद्रन के. आर. ने एक आवेदन में कहा है, यह स्पष्ट रूप से सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार को कम करने और न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप और बाधा डालने का मामला है। आवेदन में दावा किया गया है कि अवमाननाकर्ता का आचरण और कृत्य न्यायालय की आपराधिक अवमानना के कृत्य हैं, जो न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 12 के तहत दंडनीय हैं। उन्होंने अवमाननाकर्ता वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की अनुमति मांगी है।

सीजेआई को निशाना बनाने वाले 100 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर एफआईआर
सीजेआई जस्टिस बीआर गवई को निशाना बनाने वाली गैरकानूनी और आपत्तिजनक सोशल मीडिया सामग्री पर पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य में 100 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ मिली शिकायतों के बाद कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। पंजाब पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इन पोस्ट और वीडियो में जातिवादी और नफरत भरे भाव थे, जिनका उद्देश्य सांप्रदायिक वैमनस्य को बढ़ावा देना और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ना था। इनमें न्यायिक संस्थानों के प्रति सम्मान को कम करने की मंशा थी। पुलिस ने सोशल मीडिया सामग्री को सांविधानिक प्राधिकरण पर हमला, जाति-आधारित दुर्भावना और उकसावा, और लोक-दुराचार के रूप में चिह्नित किया है। पुलिस ने कहा है कि इन एफआईआर में आगे की जांच कानून के अनुसार की जा रही है।

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