महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर लगातार सख्ती के बीच अब बंगलूरू में भी खाद्य प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। यहां जांच के दौरान इंदिरा कैंटीन के गोदाम और एक क्विक-कॉमर्स कंपनी के वेयरहाउस में अस्वच्छ हालात मिलने पर दोनों को सील कर दिया गया। कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर निगरानी और सख्ती पर सवाल उठ रहे हैं, तो क्या आने वाले दिनों में इसका दायरा और बढ़ेगा?
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की विशेष टीम ने बंगलूरू की तीन इंदिरा कैंटीन की मुख्य रसोई और खाद्य तैयारी इकाइयों का निरीक्षण किया। इनमें बंगलूरू दक्षिण के गोट्टीगेरे और सिंगसंद्रा तथा बंगलूरू उत्तर के लिंगराजपुरम की कैंटीन शामिल थीं।
क्या इंदिरा कैंटीन में लेबलिंग और खाद्य रखरखाव में भी खामियां मिलीं?
विभाग के अनुसार, जांच के दौरान गैर-अनुपालन वाली लेबलिंग, गलत ब्रांडिंग और अस्वच्छ तरीके से भोजन संभालने समेत FSSAI से जुड़े कई उल्लंघन सामने आए। तीनों प्रतिष्ठानों के संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटरों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित मामलों को सक्षम अधिकारियों के समक्ष रखने की सिफारिश भी की है।
क्या खाने के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए?
जांच के दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। इनमें दालें, हल्दी पाउडर, खाना पकाने का तेल, गुड़, नमक, चीनी और तैयार खाद्य सामग्री शामिल हैं। इन नमूनों को गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच के लिए अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।
क्विक-कॉमर्स गोदाम पर क्यों हुई कार्रवाई?
बंगलूरू के बाहरी इलाके होस्कोटे में एक क्विक-कॉमर्स कंपनी के गोदाम का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, परिसर में खाद्य पदार्थों के रखरखाव और भंडारण की स्थिति बेहद अस्वच्छ मिली। इसके बाद FSSAI के लागू प्रावधानों के तहत गोदाम को सील कर दिया गया और संबंधित कंपनी को नोटिस जारी किया गया।
क्या छोटे होटल और रेस्टोरेंट भी जांच के दायरे में आएंगे?
विभाग ने खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले फूड बिजनेस ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। साथ ही छोटे होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम और संबंधित नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में कहा गया है कि प्रतिष्ठान में लाइसेंस प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए और खाना बनाने की जगह साफ, व्यवस्थित और हवादार होनी चाहिए। कच्चे खाद्य पदार्थों को उचित तरीके से रखना, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच करना और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना भी जरूरी बताया गया है।
क्या खाद्य सुरक्षा को लेकर आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई?
विभाग ने कहा है कि लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए ऐसे विशेष निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे। एडवाइजरी में इस्तेमाल किए गए तेल को दोबारा इस्तेमाल करने से बचने, कीट नियंत्रण का नियमित रिकॉर्ड रखने और कच्चे मांस, मछली तथा सब्जियों को अलग-अलग रखने जैसे निर्देश भी दिए गए हैं।