बंगलूरू के भुवनेश्वरी नगर इलाके में जन्मदिन का केक खाने के बाद पांच वर्ष के बच्चे धीरज की मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता की हालत गंभीर है। दोनों का केआईएमएस अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की जांच की जा रही है और केक के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बलराज स्विगी डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता है। वह रविवार रात एक कस्टमर के ऑर्डर कैंसिल कर देने के बाद केक अपने घर ले आया था। फिर बलराज और उसकी पत्नी नागलक्ष्मी ने केक कटाकर धीरज का जन्मदिन मनाया। सोमवार सुबह तीनों की हालत बिगड़ गई।
पड़ोस में रहने वाले लोगों ने उन तीनों को अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक धीरज की मौत हो चुकी थी। हालांकि, बच्चे की मौत का कारण अभी तक पता नहीं लग पाया है। फिलहाल फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच, स्विगी ने एक बयान जारी कर घटना पर अफसोस जताया और कहा कि सुरक्षित खाना पहुंचाना उसकी प्रतिबद्धता है। सभी रेस्तरां पार्टनर से अनुरोध है कि एफएसएसएआई लाइसेंस के बाद ही इस प्लेटफॉर्म से जुड़े।
फूड प्वाइजनिंग की आशंका
माना जा रहा है कि यह घटना फूड प्वाइजनिंग का नतीजा हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने इसके पीछे आत्महत्या की कोशिश की संभावना से इन्कार नहीं किया है।
पंजाब में हो चुकी है बच्ची की मौत
इसी साल 24 मार्च को पंजाब के पटियाला में ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां केक खाने से 10 साल की बच्ची की मौत हो गई थी। जोमैटो से मंगाया केक खाने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों की भी हालत बिगड़ गई थी।