भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने हाल ही में आरोप लगाया था कि कर्नाटक में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के बीच यहां के अस्पताल पैसा कमाने के चक्कर में फर्जी नामों पर बिस्तर बुक कर रहे हैं। सूर्या ने कहा था कि बृहद बंगलूरू महानगर पालिका के अधिकारियों ने बिस्तरों के जरिए भारी मुनाफा कमाने के लिए निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों के साथ मिलीभगत की।
बंगलूरू में कोविड-19 मरीजों के लिए अस्पतालों में बिस्तरों की बुकिंग के घोटाला मामले में चल रही जांच में अस्पतालों में बिस्तरों की अनियमित बुकिंग होने की बात सामने आई है। यह जानकारी संयुक्त सीपी (अपराध) संदीप पाटिल ने रविवार को दी। पाटिल ने कहा कि इस मामले में फिलहाल जांच की जा रही है।
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इससे पहले छह मई को इस मामले में पुलिस ने बंगलूरू शहर के निगम के कोविड वॉर रूम में छापा मारा था। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने आरोप लगाया था कि यहां के अस्पताल पैसे बनाने के लिए फर्जी नामों से बिस्तरों को अवरुद्ध कर रहे हैं जब कर्नाटक में कोविड के मामले बढ़ रहे हैं।
सूर्या ने कहा था कि बृहद बंगलूरू महानगर पालिका के अधिकारियों ने बिस्तरों को अवरुद्ध करने और उसे ऊंची फीस के लिए आरक्षित करने के लिए निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों के साथ मिलीभगत की।
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अब तक मामले में सात लोग किए गए हैं गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस उन अस्पतालों की भी जांच कर रही है जहां चार लोगों को रिश्वत देने वाले कोविड-19 रोगियों के लिए फर्जी नामों से बिस्तर कथित तौर पर ब्लॉक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उल्लेखनीय है कि बिस्तर घोटाले के सिलसिले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कोविड मरीजों के लिए आरक्षित हैं 80 फीसदी बेड
बता दें कि कर्नाटक सरकार ने राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर, निजी अस्पतालों में कोविड रोगियों के लिए 80 प्रतिशत बिस्तर आरक्षित करने का आदेश दिया है। कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी के साथ ही आईसीयू और वेंटिलेटर के साथ अस्पताल के बिस्तरों की मांग बढ़ गई है।