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एनआईए कोर्ट का बड़ा फैसला: ISIS साजिश में दोषी सैयद फासिउर को सात साल की सश्रम कैद, 48 हजार का जुर्माना भी

Sun, 30 Aug 2026 03:10 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बंगलूरू  अल-हिंद ISIS आतंकी साजिश मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने सैयद फासिउर रहमान को सात साल की सश्रम कैद और 48 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जांच में ISIS मॉड्यूल के लिए प्रशिक्षण और साजिश से जुड़े कई आरोप सामने आए थे।

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NIA - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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आईएसआईएस से जुड़ी आतंकी साजिश के मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने सैयद फासिउर रहमान उर्फ सैयद फसीह उर रहमान को सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 48 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अनुसार, मामले में साजिश का उद्देश्य लक्षित हत्याओं को अंजाम देकर सांप्रदायिक दंगे भड़काना और प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के एजेंडे को आगे बढ़ाना था।

मेहबूब पाशा पर साजिश रचने का आरोप

एनआईए की जांच के मुताबिक, इस मामले में मुख्य आरोपी मेहबूब पाशा ने बंगलूरू के गुरप्पनपाल्या स्थित अपने घर पर कई बैठकें की थीं। इन्हीं बैठकों में कथित तौर पर लक्षित हत्याओं की योजना बनाई गई थी। जांच एजेंसी का कहना है कि इस साजिश का मकसद सांप्रदायिक तनाव भड़काने के साथ ISIS के लिए एक विलायत यानी प्रांत स्थापित करना था।

साजिश की बैठकों में शामिल था सैयद फासिउर

एनआईए के मुताबिक, दोषी सैयद फासिउर रहमान ने इन बैठकों में हिस्सा लिया था। उस पर अल-हिंद समूह के सदस्यों के जंगल कैंप प्रशिक्षण के लिए डेकाथलॉन स्टोर से टेंट और चाकू खरीदने का भी आरोप था। अदालत ने इन आरोपों के आधार पर उसे दोषी ठहराते हुए सात साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई।

2020 में दर्ज हुआ था मामला

यह मामला कर्नाटक पुलिस ने 10 जनवरी 2020 को बंगलूरू में दर्ज किया था। इसके बाद एनआईए ने 23 जनवरी 2020 को जांच अपने हाथ में लेकर मामले को फिर से दर्ज किया। एनआईए अब तक इस मामले में 20 आरोपियों के खिलाफ तीन आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इससे पहले हनीफ खान को 14 जुलाई 2026 को मुकदमे के दौरान अपना अपराध स्वीकार करने के बाद दोषी ठहराया गया था। मामले की सुनवाई अक्तूबर 2025 में शुरू हुई थी। एनआईए ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी उस ऑनलाइन हैंडलर का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जो कथित तौर पर इस आतंकी मॉड्यूल को तैयार करने और उसकी गतिविधियों के समन्वय में शामिल था।

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