एयरलाइन एआईएक्स कनेक्ट ने पिछले हफ्ते कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के बिना उड़ान भरने की घटना के बाद बेंगलुरु हवाई अड्डे पर अपने प्रबंधक को ड्यूटी से हटा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, एयरलाइन के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को बेंगलुरु में राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि उन्होंने राज्यपाल को स्थिति और उठाए गए कदमों के बारे में बताया। उन्होंने घटना के लिए राज्यपाल गहलोत से माफी भी मांगी।
दरअसल, 27 जुलाई को एयरएशिया का एक विमान कर्नाटक के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से राज्यपाल थावरचंद गहलोत को लिए बिना ही रवाना हो गया था। प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए विमान ने राज्यपाल के बिना ही उड़ान भर दी थी। हालांकि, वे हवाईअड्डे के लाउंज में इंतजार कर रहे थे। राज्यपाल के प्रोटोकॉल अधिकारियों ने हवाईअड्डा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।
1.35 बजे ही एयरपोर्ट पर पहुंच गए थे राज्यपाल
राज्यपाल के प्रोटोकॉल अधिकारी एम वेणुगोपाल की शिकायत के मुताबिक, गवर्नर गहलोत को गुरुवार दोपहर 2.05 बजे टर्मिनल-2 से उड़ान संख्या I5 972 में सवार होकर एक कार्यक्रम के लिए हैदराबाद जाना था। राज्यपाल दोपहर 1.10 बजे राजभवन से निकले और 1.35 बजे टर्मिनल-1 के वीआईपी लाउंज में पहुंचे। उस समय तक, राज्यपाल का सामान विमान में रखवा दिया गया।
प्रोटोकॉल अधिकारी ने बताया कि उन्होंने हवाई अड्डे के अतिथि कक्ष में अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर राज्यपाल के लिए बोर्डिंग की व्यवस्था की थी। आगे कहा कि उन्होंने राज्यपाल के एडीसी को भी टर्मिनल-2 पर पहुंचने की सूचना दे दी थी। दोपहर 2.06 बजे राज्यपाल विमान की सीढ़ी पर पहुंचे।
राज्यपाल को देरी की बात कहकर रोका गया
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एयर एशिया (एईएक्स कनेक्ट) के कर्मचारी आरिफ ने राज्यपाल को यह कहते हुए प्रवेश देने से इनकार कर दिया कि उनके आने में देरी हुई। इसके अलावा गवर्नर का सामान भी उतार दिया गया। गवर्नर अभी भी सीढ़ी के पास खड़े थे और विमान का दरवाजा अभी भी खुला था। फिर भी गवर्नर को फ्लाइट के अंदर न आने देकर उनकी अनदेखी की गई और उनका अपमान किया गया।
90 मिनट बाद दूसरे विमान से रवाना हुए
सूत्रों ने बताया कि जब तक वह वीआईपी लाउंज से विमान तक पहुंच पाते, तब तक विमान हैदराबाद के लिए उड़ान भर चुका था। इसके बाद राज्यपाल को हैदराबाद पहुंचने के लिए 90 मिनट बाद दूसरे विमान से रवाना होना पड़ा।