सार
पश्चिम बंगाल सरकार ने कथित भ्रष्टाचार, संस्थागत अनियमितताओं और महिलाओं-बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच के लिए दो आयोग गठित किए। महिला सुरक्षा आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति शम्पति चट्टोपाध्याय करेंगी, जबकि आईपीएस दामयंती सेन को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने राज्य में कथित संस्थागत अनियमितताओं और महिलाओं पर होने वाले अपराधों की जांच के लिए दो अलग-अलग आयोगों के गठन का फैसला किया है। यह निर्णय आज हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। सरकारी घोषणा के अनुसार, केंद्र और राज्य की विभिन्न सामाजिक योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच के लिए एक विशेष आयोग बनाया गया है। इस आयोग का उद्देश्य पिछले वर्षों में हुए कथित ‘प्रणालीगत गड़बड़ियों’ की समीक्षा करना और आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश करना होगा। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच के लिए भी एक अलग आयोग गठित किया गया है।
इस आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति शम्पति चट्टोपाध्याय को सौंपी गई है, जबकि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दामयंती सेन को इसमें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। सरकार के अनुसार यह आयोग पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ दर्ज मामलों की विस्तृत समीक्षा करेगा और आवश्यक कार्रवाई की दिशा में रिपोर्ट तैयार करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता और महिला सुरक्षा को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से इन दोनों आयोगों का गठन किया गया है, जो जल्द ही अपना कार्य शुरू करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, दोनों आयोग आगामी दिनों में औपचारिक रूप से काम शुरू कर देंगे और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।