पश्चिम बंगाल में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने सभी थानों में साइबर सहायता केंद्र (साइबर हेल्प डेस्क) स्थापित करने का फैसला किया है। पुलिस अधिकारियों के साथ बृहस्पतिवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि साइबर ठगी अब महामारी का रूप ले चुकी है और ग्रामीण व कमजोर तबके के लोग भी बड़ी संख्या में इसका शिकार हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दरबार में हर सप्ताह साइबर ठगी के कई मामले सामने आते हैं। कई लोगों के बैंक खातों से सरकारी योजनाओं की राशि भी कुछ ही सेकंड में निकाल ली जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से शुरू किए जा रहे साइबर सहायता केंद्र पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराएंगे।
सरकार के अनुसार, प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। साइबर अपराधों की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कर्मियों की नियुक्ति भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि शुरुआती 'गोल्डन ऑवर' के भीतर सूचना मिलने पर ठगी गई रकम को रोकने या वापस पाने की संभावना अधिक रहती है। सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े वित्तीय अपराधों की निगरानी भी मजबूत करने की बात कही है।