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SIR: पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत सुनवाई का आज आखिरी दिन, बढ़ सकती है समय सीमा

Sat, 07 Feb 2026 12:20 AM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

दिसंबर में प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद 58,20,899 मतदाताओं के नाम मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट पाए जाने के कारण हटाए गए थे। 14 फरवरी को अंतिम सूची जारी होने के बाद कुल हटाए गए नामों की सटीक संख्या सामने आएगी। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद चुनाव आयोग का पूर्ण पीठ पश्चिम बंगाल का दौरा करेगा और इसके बाद इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की जाएगी।
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मतदाता (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियों की सुनवाई में अब भी बड़ी संख्या में मतदाता पेश नहीं हुए हैं। राज्य में 50 हजार से अधिक 'अनमैप्ड' मतदाता और 3.5 लाख से ज्यादा 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' वाले मतदाता सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुए हैं। ऐसे मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), पश्चिम बंगाल कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 'अनमैप्ड' श्रेणी में कुल 31,68,426 मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। इनमें से 50 हजार से कुछ अधिक, यानी करीब 1.57 प्रतिशत मतदाता बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद पेश नहीं हुए। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) ने इन्हें अंतिम सूची से हटाए जाने योग्य माना है।

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चुनाव आयोग ने किया ये बड़ा दावा
इसी तरह 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' मामलों में कुल 94,49,132 मतदाताओं को चिन्हित कर सुनवाई के लिए बुलाया गया। इस श्रेणी में अब तक 3.5 लाख से अधिक मतदाता, यानी लगभग 3.70 प्रतिशत, सुनवाई में नहीं पहुंचे हैं। चुनाव आयोग ने भरोसा जताया है कि अधिकांश मामलों की सुनवाई तय समय-सीमा में पूरी कर ली जाएगी।

सूत्रों ने बताया कि किसी भी मतदाता का नाम अंतिम रूप से हटाने से पहले उन्हें व्यक्तिगत रूप से सूचना भेजी जाएगी, जिसमें नाम हटाने के प्रस्ताव के कारण बताए जाएंगे। 'अनमैप्ड' मतदाता वे हैं, जिनका 2002 की मतदाता सूची से नाम नहीं है और न ही वे अपने परिजनों के जरिए अपना संबंध स्थापित कर सके। वहीं 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' वे मामले हैं, जिनमें परिजनों की जानकारी जुटाने के दौरान पारिवारिक विवरण में असामान्यताएं पाई गईं।
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7 फरवरी सुनवाई प्रक्रिया की आखिरी तारीख
सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख 7 फरवरी तय की गई है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जानी है। सीईओ कार्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक, राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से केवल लगभग 15 सीटों पर ही सुनवाई अभी पूरी नहीं हो पाई है। जरूरत पड़ने पर इन क्षेत्रों में चुनिंदा तौर पर दो दिन का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है।


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