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बंगाल में SIR पर घमासान: 'सुप्रीम' निर्देश के बाद हरकत में राज्य चुनाव आयोग, बताया कब आएगी अंतिम मतदाता सूची

Fri, 20 Feb 2026 10:06 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को लेकर सियासी हलचल तेज है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अंतिम वोटर लिस्ट तय समय पर आएगी? इस पर स्थिति साफ करते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अपना रुख साफ किया है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा?
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पश्चिम बंगाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य की सियासत में गर्माहट तेज है। इसका एक कारण चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों की तेज होती तैयारी है, तो दूसरा बड़ा कारण चुनाव आयोग की तरफ से राज्य में कराए जा रहा मतदाता सूची का विशेष गहण पुनरीक्षण (एसआईआर) है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और राज्य में ममता सरकार बनाम चुनाव आयोग के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने अंतिम मतदाता सूची को लेकर अपना रुख साफ किया है।  

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कुमार ने इस पूरे मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भरोसा दिलाया है कि अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को तय समय पर जारी की जाएगी। सीईओ कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, जिन मामलों में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं, उन्हें अलग रखकर न्यायिक अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। इन मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार सेवा में कार्यरत और सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों की तरफ से की जाएगी। बाकी सभी नामों के साथ अंतिम सूची 28 फरवरी को प्रकाशित कर दी जाएगी।

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हरकत में आयोग
बता दें कि राज्य चुनाव आयोग की तरफ से बयान ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बंगाल एसआईआर मामले में सुनवाई के दौरान निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान आए दावों और आपत्तियों की निगरानी न्यायिक अधिकारी करें।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने राज्य सीईओ से पूछा था
इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ने खुद राज्य के सीईओ से संपर्क कर पूछा था कि क्या इस आदेश के कारण अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख टालनी पड़ेगी। इस पर सीईओ ने साफ कहा कि तय कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा। जिन मामलों को न्यायिक अधिकारियों के पास भेजा जाएगा, उनके फैसले बाद में एक पूरक सूची के रूप में जारी किए जाएंगे।

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पहले 14 फरवरी को जारी होनी थी सूची

गौरतलब है कि पहले अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को जारी होनी थी, लेकिन दावों और आपत्तियों की जांच के लिए अधिक समय देने के कारण तारीख बढ़ाकर 28 फरवरी कर दी गई थी। इसी बीच शुक्रवार को सीईओ ने अतिरिक्त सीईओ, संयुक्त सीईओ, उप-सीईओ और विशेष रोल पर्यवेक्षकों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में सभी जिलाधिकारियों (जो जिला निर्वाचन अधिकारी भी होते हैं) से पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की जानकारी ली गई।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि दस्तावेजों की जांच और आपत्तियों के निपटारे का काम तेज किया जाए। सीईओ ने साफ कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कुछ जिलों के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें जांच पूरी करने के लिए 4-5 दिन अतिरिक्त लग सकते हैं। पहले 21 फरवरी को जांच प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख तय की गई थी।

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