पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी
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पश्चिम बंगाल में शिक्षक घोटाला में गिरफ्तारी का दायरा अभी और बढ़ सकता है। शनिवार को राज्य के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी के बाद उनकी करीबी अर्पिता को भी ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों जगह जांच करते हुए ईडी को बहुत से सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी हो सकती है।
बताया जा रहा है कि जो क्लू मिले हैं, उसके आधार पर ईडी ने चंदन मंडल उर्फ रंजन और मोनालिसा दास को अपने रडार में ले लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि ईडी के अधिकारियों ने चंदन की तलाश में शनिवार को भी बागदा के अलावा कई अन्य जगह छापेमारी कर रही है।
घोटले में चंदन की क्या है भूमिका?
चंदन पर आरोप है कि शिक्षकों की अवैध नियुक्तियों में उसकी बढ़ी भूमका रही है। सूत्रों की मानें तो शिक्षकों की अवैध नियुक्ति में चंदन ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई। ईडी को यह भी आशंका है कि जो अवैध नियुक्तियां हुईं, उसमें रुपयों का लेनदेन भी उसके जरिए हुआ। अब ईडी के अधिकारी उससे इस संबंध में पूछताछ करना चाहते हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। गत शुक्रवार से ईडी चंदन की तलाश कर रही है। वह चंदन के बागदा स्थित आवास पर भी गई थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला।
मोनालिसा दास को खोज रही है ईडी
इसी तरह से मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता की गिरफ्तारी के बाद अब ईडी की रडार पर हैं, पार्थ की एक और करीबी मनालिसा दास। सूत्रों की मानें तो ईडी मोनालिसा के घर पर छापा मारने की तैयारी में है। मोनालिका दास को मंत्री का एक और करीबी और सहयोगी बताया जा रह है। बताया जा रहा है कि मोनालिसा दास घर बोलपुर शांति निकेतन में है।
- सूत्रों की मानें तो उसकी 10 से अधिक संपत्तियां मिल चुकी हैं, इनमें कई फ्लैट हैं। ईडी इसकी हर तरह की जांच कर रही है। ईडी यह भी जांच कर रह है कि उसका पार्थ चटर्जी के साथ कोई संबंध है कि नहीं।
- ईडी सूत्रों के अनुसार दास के पास कई जमीन और मकान हैं, जिनमें अधिकतर बीरभूम जिले में है। कागजों के आधार पर अगली कार्रवाही की जाएगी।
- जानकारी के मुताबिक, मोनालिसा दास 2014 में आसनसोल में काजी नजरूल विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया था और वर्तमान में उसी विश्वविद्यालय में बंगाली विभाग की प्रमुख हैं।