पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को कहा कि राज्य में उनकी पार्टी की सरकार बनने के बाद इस्लामपुर का नाम बदलकर ईश्वरपुर कर दिया जाएगा। नवीन इस्लामपुर में एक रैली को संबोधित कर रहे थे।
'स्थानीय लोगों के हक प्रभावित कर रहे घुसपैठिए'
उन्होंने कहा कि भाजपा बांग्लादेशियों को युवाओं-माताओं के अधिकार छीनने की इजाजत नहीं देगी। भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि घुसपैठियों की वजह से राज्य के स्थानीय लोगों के हक प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकार सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं दे रही है, क्योंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी देश के नागरिकों की सुरक्षा नहीं करना चाहतीं। नवीन ने दावा किया कि अगर चुनाव आयोग 50 लाख बांग्लादेशियों के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाता, तो केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ घुसपैठियों को मिलता। उन्होंने कहा कि यह राज्य के वास्तविक लाभार्थियों के साथ अन्याय होता।
ये भी पढ़ें:
बंगाल की 84 एससी-एसटी सीटों पर टीएमसी का बड़ा दांव, जानें क्या है 60 दिनों का 'तपशिलीर संगलाप' प्लान
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर साधा निशाना
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने जिन लोगों के नामों की पहचान की है और जिन्हें हटाया गया है, उन्हें देश से बाहर किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह के कानून के तहत की जाएगी। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि घुसपैठियों को बचाने की कोशिश में ममता बनर्जी ने काली पोशाक पहनकर सुप्रीम कोर्ट में दलील दी और अब उनके समर्थन में धरना देने की बात कर रही हैं।
'ममता सरकार ने युवाओं को बेरोजगारी की अंधकार में धकेला'
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल के युवाओं को बेरोजगारी के अंधकार में धकेल दिया है। अब समय आ गया है कि जनता उन्हें इसके लिए सजा दे।
(खबर अपडेट की जा रही है)