पश्चिम बंगाल में लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं को रोकने और उन पर नजर रखने के लिए राज्य सरकार सरकार ने बुधवार को पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। सरकार ने सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ाने सहित कई उपाय करने के लिए कहा है।
राज्य के एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) मनोज वर्मा ने पुलिस अधीक्षकों, पुलिस आयुक्तों, एसटीएफ, साइबर सेल और यातायात के अधिकारियों को दिशानिर्देश जारी किए हैं। पुलिस अधिकारियों को निर्देश में कहा गया, "हाल के दिनों में कुछ घटनाएं देखी गई हैं, जिनका कानून-व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है। ऐसे मामलों को लेकर समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश और दिशानिर्देश जारी किए जा रहे हैं। मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।’’ एडीजी ने बताया कि यह निर्देश मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आदेश पर जारी किए गए हैं।
आदेश में कहा गया है, ''सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने की भी जरूरत है, जिससे आरोपियों के साथ ही ऐसी घटनाओं से संबंधित गलत प्रचार करने वाले लोगों के खिलाफ भी अधिक प्रभावी कदम उठाए जा सकें।'' आदेश में यह भी बताया गया कि समय पर खुफिया जानकारी एकत्र करने के लिए नागरिक स्वयंसेवकों और ग्राम पुलिस का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करने की आवश्यकता है, ताकि मॉब लिंचिंग से संबंधित किसी भी मुद्दे पर कार्रवाई की जा सके।
जिलों के पुलिस अधिकारियों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि मॉब लिंचिंग से संबंधित मुद्दों और ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जाए, इसके बारे में लोगों के बीच जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
एक हफ्ते में मॉब लिचिंग में चार लोगों की हत्या
पश्चिम बंगाल में भीड़ तंत्र की तरफ से किए जा रहे हमलों में खासी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। हाल ही में, कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में एक हफ्ते के भीतर अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस में आखिरी वारदात 30 जून को हुई थी।